सोमवार, 12 अगस्त 2024

👉 तीन बातें भक्त के जीवन में जरूर होनी चाहिएं:-

👉 प्रतीक्षा, परीक्षा और समीक्षा।

🔶 भक्ति के मार्ग में प्रतीक्षा बहुत आवश्यक है। प्रभु जरूर आयेंगे, कृपा करेंगे, ऐसा विश्वास रखते हुए प्रतीक्षा करें। बहुत बड़ी प्रतीक्षा के बाद शबरी की कुटिया में प्रभु आये थे।
   
🔷 परीक्षा- संसार की परीक्षा करते रहें। इस संसार में सब अपने कारणों से जी रहे हैं। किसी के भी महत्वाकांक्षा के मार्ग पर बाधा बनोगे वही तुम्हारा अपना, पराया हो जायेगा। संसार का तो प्रेम भी छलावा है। संसार को जितना जल्दी समझ लो तो अच्छा है ताकि प्रभु के मार्ग पर तुम जल्दी आगे बढ़ो।
   
🔶 समीक्षा- अपनी समीक्षा रोज करते रहो, आत्मचिन्तन करो। जीवन उत्सव कैसे बने? प्रत्येक क्षण उल्लासमय कैसे बने? जीवन संगीत कैसे बने, यह चिन्तन जरूर करना। कुछ छोड़ना पड़े तो छोड़ने की हिम्मत करना और कुछ पकड़ना पड़े तो पकड़ने की हिम्मत रखना। अपनी समीक्षा से ही आगे के रास्ते दिखेंगे।

👉 *जप प्रक्रिया का वैज्ञानिक आधार | Jap Prakriya Ka Vaigyanik Aadhar*  



All World Gayatri Pariwar Official  Social Media Platform

> 👉 शांतिकुंज हरिद्वार के प्रेरणादायक वीडियो देखने के लिए Youtube Channel `Shantikunj Rishi Chintan` को आज ही Subscribe करें।

> 👉 *शांतिकुंज हरिद्वार के (अधिकारिक) Official WhatsApp Channel `awgpofficial Shantikunj`को Link पर Click करके चैनल को Follow करें* ➡️  https://whatsapp.com/channel/0029VaBQpZm6hENhqlhg453J

👉 शांतिकुंज की गतिविधियों एवं ग्रुप से जुड़ने के लिए अपना नाम लिख कर WhatsApp करें  https://wa.me/8439014110 

🙏🏽 Please Subscribe, Like, Share and Comment Thanks


Official Facebook Page

Official Twitter

Official Instagram

Youtube Channel Rishi Chintan

Youtube Channel Shantikunjvideo

👉 आप निराश मत हूजिए (भाग ४)

अनेक व्यक्ति थोड़ी सी कठिनाई आने पर अत्यन्त अस्त-व्यस्त हो जाते हैं, घबराने लगते हैं, और ठोकर पर ठोकर खाते हैं। निराशा उनके जीवन को भार बना देती है। हमारी असफलताएँ अधिकाँश में निराशा के अभद्र विचारों से ही प्राप्त होती है और वे अयोग्य मंत्रणाओं, भयपूर्ण कल्पनाओं के ही फल हैं। यदि हम पूर्ण रूप से कल्पना को उत्तम वस्तुओं की ओर चलाया करें और चिंता, दुर्बलता, शंका, निराशा के विचारों से हटकर आशा और हिम्मत के उत्पादक वातावरण में रखना सीख लें तो हमारे जीवन का स्त्रोत एक आनन्दमय जगत में प्रवाहित होने लगे। निराशा एक भयंकर मानसिक रोग है। इससे मुक्ति पाने के लिए विचारों का रुख बदलने की परम आवश्यकता है। धीरे-धीरे अपने हृदय में नाउम्मीदी कमजोरी और निराशा के भावों के स्थान पर इनके प्रतिपक्षी-साहस, हिम्मत, सफलता और आशा के उत्साह-वर्द्धक भावों को जमाना चाहिए। उन्हें अंकुरित, पल्लवित एवं पुष्पित करने के लिए अपनी सद्इच्छाओं का अभिनय पार्ट अवश्य करना चाहिए।

तुम जिस कार्य, उद्देश्य या मनोरथ में सफलता लाभ करने की चेष्टा कर रहे हो उसका अभिनय भली-भाँति करो। यदि तुम एक विद्वान बनने की चेष्टा कर रहे हो तो अपने आपको एक विद्वान की ही भाँति रखो वैसा ही वातावरण एकत्रित करो, निराशा निकाल कर यह उम्मीद रखो कि मूर्ख कालिदास की भाँति हम भी महान बनेंगे। निराशा निकाल कर तुम इस एकटिंग को पूर्ण करने की चेष्टा करो। तुम अनुभव करो कि मैं विद्वान हूँ, सोचो कि मैं अधिकाधिक विद्वान बन रहा हूँ। मेरी विद्वता की निरंतर अभिवृद्धि हो रही है। तुम्हारे व्यवहार से लोगों को यह ज्ञात होना चाहिए कि तुम सचमुच विद्वान हो। तुम्हारा आचरण भी पूर्ण विश्वास युक्त हो शंका, शुबाह या निराशा का नाम निशान भी न हो। अपने इस विश्वास पर तुम्हें पूरी दृढ़ता का प्रदर्शन करना उचित है। यह अभिनय करते-करते एक दिन तुम स्वयमेव अपने कार्य को पूर्ण करने की क्षमता प्राप्त कर लोगे।

> 👉 *अपने अन्तः के देवता को जगायें | Apane Antah Ke Devata Ko Jagayen*  

> 👉 *शांतिकुंज की गतिविधियों एवं Official WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए अपना नाम लिख कर WhatsApp करें* ➡️ 8439014110

जिस वस्तु को हमें प्राप्त करना है उसके लिए जितनी मानसिक क्रिया होगी, जितना उसकी प्राप्ति का विचार किया जायगा, उतनी ही शीघ्रता से वह वस्तु हमारी ओर आकर्षित होगी। प्रत्येक वस्तु पहले मन में उत्पन्न की जाती है फिर वस्तु जगत में उसकी प्राप्ति होती है। तुम अपने विषय में अयोग्यता की भावना रखते हो अतः उसी प्रकार की तुम्हारे अन्तःकरण की सृष्टि होती जाती है। तुम्हारी भय की डरपोक कल्पनाएं ही तुम्हारे मन में निराशा के काले बादलों की सृष्टि कर रही है। मनःस्थिति के ही अनुसार अन्य व्यक्ति तुमसे द्वेष अथवा प्रेम करते हैं। और संसार की, समस्त वस्तुएं तुम्हारे पास आकर्षित होकर आती या मुड़कर दूर भागती हैं।

.... क्रमशः जारी
📖 अखण्ड ज्योति नवम्बर 1950 पृष्ठ 14

All World Gayatri Pariwar Official  Social Media Platform

> 👉 शांतिकुंज हरिद्वार के प्रेरणादायक वीडियो देखने के लिए Youtube Channel `Shantikunj Rishi Chintan` को आज ही Subscribe करें।

> 👉 *शांतिकुंज हरिद्वार के (अधिकारिक) Official WhatsApp Channel `awgpofficial Shantikunj`को Link पर Click करके चैनल को Follow करें* ➡️  https://whatsapp.com/channel/0029VaBQpZm6hENhqlhg453J

👉 शांतिकुंज की गतिविधियों एवं ग्रुप से जुड़ने के लिए अपना नाम लिख कर WhatsApp करें  https://wa.me/8439014110 

🙏🏽 Please Subscribe, Like, Share and Comment Thanks


Official Facebook Page

Official Twitter

Official Instagram

Youtube Channel Rishi Chintan

Youtube Channel Shantikunjvideo


👉 आज का सद्चिंतन Aaj Ka Sadchintan 13 Aug 2024


All World Gayatri Pariwar Official  Social Media Platform

> 👉 शांतिकुंज हरिद्वार के प्रेरणादायक वीडियो देखने के लिए Youtube Channel `Shantikunj Rishi Chintan` को आज ही Subscribe करें।

> 👉 *शांतिकुंज हरिद्वार के (अधिकारिक) Official WhatsApp Channel `awgpofficial Shantikunj`को Link पर Click करके चैनल को Follow करें* ➡️  https://whatsapp.com/channel/0029VaBQpZm6hENhqlhg453J

👉 शांतिकुंज की गतिविधियों एवं ग्रुप से जुड़ने के लिए अपना नाम लिख कर WhatsApp करें  https://wa.me/8439014110 

🙏🏽 Please Subscribe, Like, Share and Comment Thanks


Official Facebook Page

Official Twitter

Official Instagram

Youtube Channel Rishi Chintan

Youtube Channel Shantikunjvideo


👉 प्रेरणादायक प्रसंग 13 Aug 2024



All World Gayatri Pariwar Official  Social Media Platform

> 👉 शांतिकुंज हरिद्वार के प्रेरणादायक वीडियो देखने के लिए Youtube Channel `Shantikunj Rishi Chintan` को आज ही Subscribe करें।

> 👉 *शांतिकुंज हरिद्वार के (अधिकारिक) Official WhatsApp Channel `awgpofficial Shantikunj`को Link पर Click करके चैनल को Follow करें* ➡️  https://whatsapp.com/channel/0029VaBQpZm6hENhqlhg453J

👉 शांतिकुंज की गतिविधियों एवं ग्रुप से जुड़ने के लिए अपना नाम लिख कर WhatsApp करें  https://wa.me/8439014110 

🙏🏽 Please Subscribe, Like, Share and Comment Thanks


Official Facebook Page

Official Twitter

Official Instagram

Youtube Channel Rishi Chintan

Youtube Channel Shantikunjvideo

👉 प्रेरणादायक प्रसंग 12 Aug 2024



All World Gayatri Pariwar Official  Social Media Platform

> 👉 शांतिकुंज हरिद्वार के प्रेरणादायक वीडियो देखने के लिए Youtube Channel `Shantikunj Rishi Chintan` को आज ही Subscribe करें।

> 👉 *शांतिकुंज हरिद्वार के (अधिकारिक) Official WhatsApp Channel `awgpofficial Shantikunj`को Link पर Click करके चैनल को Follow करें* ➡️  https://whatsapp.com/channel/0029VaBQpZm6hENhqlhg453J

👉 शांतिकुंज की गतिविधियों एवं ग्रुप से जुड़ने के लिए अपना नाम लिख कर WhatsApp करें  https://wa.me/8439014110 

🙏🏽 Please Subscribe, Like, Share and Comment Thanks

Shantikunj WhatsApp
8439014110

Official Facebook Page

Official Twitter

Official Instagram

Youtube Channel Rishi Chintan

Youtube Channel Shantikunjvideo

👉 आज का सद्चिंतन 12 Aug 2024


All World Gayatri Pariwar Official  Social Media Platform

> 👉 शांतिकुंज हरिद्वार के प्रेरणादायक वीडियो देखने के लिए Youtube Channel `Shantikunj Rishi Chintan` को आज ही Subscribe करें।

> 👉 *शांतिकुंज हरिद्वार के (अधिकारिक) Official WhatsApp Channel `awgpofficial Shantikunj`को Link पर Click करके चैनल को Follow करें* ➡️  https://whatsapp.com/channel/0029VaBQpZm6hENhqlhg453J

👉 शांतिकुंज की गतिविधियों एवं ग्रुप से जुड़ने के लिए अपना नाम लिख कर WhatsApp करें  https://wa.me/8439014110 

🙏🏽 Please Subscribe, Like, Share and Comment Thanks

Shantikunj WhatsApp
8439014110

Official Facebook Page

Official Twitter

Official Instagram

Youtube Channel Rishi Chintan

Youtube Channel Shantikunjvideo



रविवार, 11 अगस्त 2024

👉 आप निराश मत हूजिए (भाग ३)

🔹 मनुष्य का स्वभाव ज्यों-ज्यों आत्मिक भाव और आत्मिक जीवन की अभिवृद्धि करता है त्यों-त्यों उसमें सामर्थ्य भी बढ़ते जाते हैं। जैसे-जैसे तुम अपने शरीर के अंग प्रत्यंगों में छिपे सामर्थ्यों को प्रकट करोगे। आविष्कार करोगे-वैसे-वैसे विशेष रूप से महान बनते जाओगे। उच्च विचारों द्वारा जितने अंशों में हम अपने जीवन का विकास कर सकेंगे, उतने ही अंशों में उसका यथार्थ उपभोग कर सकेंगे।

🔸 कहते हैं एक बार एक बड़े भारी व्यापारी की पत्नी तार लिए दौड़ी हुई उसके कमरे में, जहाँ वह बैठा व्यापार की कुछ नवीन योजनाएं सोच रहा था, आई और हाँफते हुए बोली- “प्यारे हमने सब कुछ खो दिया है। हमारे जहाज माल-असबाब इत्यादि डूब गए हैं, सारी उम्र के किये-कराये पर पानी फिर गया है हमारी सब बहुमूल्य वस्तुएं जा चुकी हैं। उफ्फ अब क्या होगा? हाय हाय ! हमें कौन पूछेगा?”

पति ने धैर्य दिखाते हुए कहा - “क्या तुम्हें भी मुझसे छीन लिया गया है?”
वह बोली - पागलों की सी बातें क्यों करते हो, मैं तो सदैव तुम्हारे पास हूँ।
और हमारी आदतें तो कहीं नहीं चली गई हैं?
नहीं ! आदतें भला कहाँ जायेंगी?

> 👉 गहरी नींद कैसे आए भाग 02 | Gehri Neend Kese Aaye Part 02  https://youtu.be/5cMik1QSwZ0?si=KT-gDUESCcoyP0rb

> 👉 *शांतिकुंज की गतिविधियों एवं Official WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए अपना नाम लिख कर WhatsApp करें* ➡️ 8439014110

> 👉 *शांतिकुंज हरिद्वार के (अधिकारिक) Official WhatsApp Channel `awgpofficial Shantikunj`को Link पर Click करके चैनल को Follow करें* ➡️  https://whatsapp.com/channel/0029VaBQpZm6hENhqlhg453J

🔹 तब तो निराश होने की तनिक भी आवश्यकता नहीं हैं। हमने अपनी आदतों की कमाई ही खो दी है। संसार की सर्वश्रेष्ठ विभूतियाँ (आशावादिता, स्वास्थ्य, उत्साह, अध्यवसाय, परिश्रम और प्रेम) अब भी हमारे पास हैं। हम शीघ्र ही सब कुछ पुनः प्राप्त कर लेंगे, तुम धैर्य रखो। कहते हैं कि कुछ वर्षों बाद उनका गृह पुनः धन-धान्य से पूर्ववत पूरित हो गया। जब उनसे सफलता का रहस्य पूछा गया तो उन्होंने कहा “मैं कभी उम्मीद नहीं छोड़ता विपत्ति के काले बादलों से चिंतित नहीं होता वरन् हँसते-हँसते उनका सामना करता हूँ। कठिनाई आने से निराशा का चिन्ह मुख मंडल पर दिखाना अच्छे से अच्छे मनुष्य को विफल बना सकता है।”

.... क्रमशः जारी
📖 अखण्ड ज्योति नवम्बर 1950 पृष्ठ 14

👉 प्रेरणादायक प्रसंग 11 Aug 2024



All World Gayatri Pariwar Official  Social Media Platform

> 👉 शांतिकुंज हरिद्वार के प्रेरणादायक वीडियो देखने के लिए Youtube Channel `Shantikunj Rishi Chintan` को आज ही Subscribe करें।

> 👉 *शांतिकुंज हरिद्वार के (अधिकारिक) Official WhatsApp Channel `awgpofficial Shantikunj`को Link पर Click करके चैनल को Follow करें* ➡️  https://whatsapp.com/channel/0029VaBQpZm6hENhqlhg453J

👉 शांतिकुंज की गतिविधियों एवं ग्रुप से जुड़ने के लिए अपना नाम लिख कर WhatsApp करें  https://wa.me/8439014110 

🙏🏽 Please Subscribe, Like, Share and Comment Thanks


Official Facebook Page

Official Twitter

Official Instagram

Youtube Channel Rishi Chintan

Youtube Channel Shantikunjvideo

👉 आज का सद्चिंतन Aaj Ka Sadchintan 11 Aug 2024


All World Gayatri Pariwar Official  Social Media Platform

> 👉 शांतिकुंज हरिद्वार के प्रेरणादायक वीडियो देखने के लिए Youtube Channel `Shantikunj Rishi Chintan` को आज ही Subscribe करें।

> 👉 *शांतिकुंज हरिद्वार के (अधिकारिक) Official WhatsApp Channel `awgpofficial Shantikunj`को Link पर Click करके चैनल को Follow करें* ➡️  https://whatsapp.com/channel/0029VaBQpZm6hENhqlhg453J

👉 शांतिकुंज की गतिविधियों एवं ग्रुप से जुड़ने के लिए अपना नाम लिख कर WhatsApp करें  https://wa.me/8439014110 

🙏🏽 Please Subscribe, Like, Share and Comment Thanks

Shantikunj WhatsApp
8439014110

Official Facebook Page

Official Twitter

Official Instagram

Youtube Channel Rishi Chintan

Youtube Channel Shantikunjvideo



👉 विनम्रता गुण

🔹 विनम्रता आपके आंतरिक प्रेम की शक्ति से आती है। दूसरों को सहयोग व सहायता का भाव ही आपको विनम्र बनाता है। यह कहना गलत है कि यदि आप विनम्र बनेंगे तो दूसरे आपका अनुचित लाभ उठाएँगे। जबकि यथार्थ स्वरूप में विनम्रता आपमें गज़ब का धैर्य पैदा करती है। आपमे सोचने समझने की क्षमता का विकास करती है। विनम्र व्यक्तित्व का एक प्रचंड आभामण्डल होता है। धूर्तो के मनोबल उस आभा से निस्तेज हो स्वयं परास्त हो जाते है। उल्टे जो विमम्र नहीं होते वे आसानी से धूर्तों के प्रभाव में आ जाते है क्योंकि धूर्त को तो अहंकारी का मात्र चापलूसी से अहं सहलाना भर होता है। बस चापलूसी से अहंकार प्रभावित हो जाता है। किन्तु जहाँ विनम्रता होती है वहाँ तो व्यक्ति को सत्य की अथाह शक्ति प्राप्त होती है। सत्य की शक्ति, मनोबल प्रदान करती है।

🔸 विनम्रता के प्रति पूर्ण समर्पण युक्त आस्था जरूरी है। मात्र दिखावे की ओढी हुई विनम्रता, अक्सर असफ़ल ही होती है। सोचा जाता है-‘पहले विन्रमता से निवेदन करूंगा यदि काम न हुआ तो भृकुटि टेढी करूंगा’ यह चतुरता विनम्रता के प्रति अनास्था है, छिपा हुआ अहं भी है। कार्य पूर्व ही अविश्वास व अहं का मिश्रण असफलता ही न्योतता है। सम्यक् विनम्र व्यक्ति, विनम्रता को झुकने के भावार्थ में नहीं लेता। सच्चाई उसका पथप्रदर्शन करती है। निश्छलता उसे दृढ व्यक्तित्व प्रदान करती है।

> 👉 *गायत्री मंत्र जप के 9 लाभ 9 उपलब्धियां* https://youtu.be/hCHI69M0lcU?si=QCm51voJ0QiB8OWh

🔹 अहंकार सदैव आपसे दूसरों की आलोचना करवाता है। वह आपको आलोचना-प्रतिआलोचना के एक प्रतिशोध जाल में फंसाता है। अहंकार आपकी बुद्धि को कुंठित कर देता है। आपके जिम्मेदार व्यक्तित्व को संदेहयुक्त बना देता है। अहंकारी दूसरों की मुश्किलों के लिए उन्हें ही जिम्मेवार कहता है और उनकी गलतियों पर हंसता है। जबकि अपनी मुश्किलो के लिए सदैव दूसरों को जवाबदार ठहराता है। और लोगों से द्वेष रखता है।

> 👉 *`awgpofficial Shantikunj`*शान्तिकुंज हरिद्वार का (अधिकारिक) Official WhatsApp Channel है। Link पर Click करके चैनल को Follow करें*

🔸 विनम्रता हृदय को विशाल, स्वच्छ और ईमानदार बनाती है। यह आपको सहज सम्बंध स्थापित करने के योग्य बनाती है। विनम्रता न केवल दूसरों का दिल जीतने में कामयाब होती है अपितु आपको अपना ही दिल जीतने के योग्य बना देती है। जो आपके आत्म-गौरव और आत्म-बल में उर्ज़ा का अनवरत संचार करती है। आपकी भावनाओं के द्वन्द समाप्त हो जाते है। साथ ही व्याकुलता और कठिनाइयां स्वतः दूर होती चली जाती है। एक मात्र विनम्रता से ही सन्तुष्टि, प्रेम और सकारात्मकता आपके व्यक्तित्व के स्थायी गुण बन जाते है।

> *शांतिकुंज की गतिविधियों एवं Official WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए  अपना नाम लिख कर WhatsApp करें https://wa.me/8439014110*

शनिवार, 10 अगस्त 2024

👉 आप निराश मत हूजिए (भाग २)

🔹 इसके विपरीत आशावाद मनुष्य के लिए अमृत तुल्य है। जैसे तृषित को शीतल जल, रोगी को औषधि से, अंधकार को प्रकाश से, वनस्पति को सूर्य से लाभ होता है, उसी भाँति आशावाद की संजीवनी बूटी से मृतप्राय मनुष्य में जीवन शक्ति का प्रादुर्भाव होता है। आशावाद वह दिव्य प्रकाश है जो हमारे जीवन को उत्तरोत्तर परिपुष्ट, समृद्धिशाली और प्रगतिशील बनाता है। सुख, सौंदर्य एवं सफलता की अलौकिक छटा से उसे विभूषित कर उसका पूर्ण विकास करता है। उसमें माधुर्य का संचार कर विघ्न-बाधा, दुख, क्लेश और कठिनाइयों पर विजय प्राप्त कराने वाली गुप्त मनःशक्ति जागृत करता है। आत्मा की शक्ति से देदीप्यमान आशावादी उम्मीद का पल्ला पकड़े प्रलोभनों को रोंधता हुआ अग्रसर होता है। वह पथ-पथ पर विचलित नहीं होता, उसे कोई बात असंभव प्रतीत नहीं होती, उसे कोई कार्य असंभव प्रतीत नहीं होता, उसे कोई पराजित नहीं कर सकता, संसार की कोई शक्ति उसे नहीं दबा सकती क्योंकि सब शक्तियों का विकास करने वाली “आशा” की शक्ति सदैव उसकी आत्मा को तेजोमय करती है।

🔸 संसार के कितने ही व्यक्ति अपने जीवन को उचित, श्रेष्ठ और श्रेय के मार्ग पर नहीं लगाते। किसी एक उद्देश्य को स्थिर नहीं करते, न वे अपने मानसिक संकल्प को इतना दृढ़ ही बनाते है कि निज प्रयत्नों में सफल हो सकें। सोचते कुछ हैं करते कुछ और हैं। काम किसी एक पदार्थ के लिए करते हैं आशा किसी दूसरे की ही करते हैं। करील के वृक्ष बोकर आम खाने की अभिलाषा रखते हैं। हाथ में लिए हुए कार्य के विपरीत मानसिक भाव रखने से हमें अपनी निदिष्ट वस्तु कदापि प्राप्त नहीं हो सकती। बल्कि हम इच्छित वस्तु से और भी दूर जा पड़ते हैं। तभी हमें नाकामयाबी, लाचारी, तंगी, क्षुद्रता प्राप्त होती है। अपने को भाग्यहीन समझ लेना, बेबसी की बातों को लेकर झोंकना और दूसरों की सिद्धि पर कुढ़ना हमें सफलता से दूर ले जाता है। विरोधी भाव रखने से मनुष्य उन्नत अवस्था में कदापि नहीं पहुँच सकता। संसार के साथ अविरोधी रहो, क्योंकि विरोध संसार की सबसे उत्कृष्ट वस्तुओं को अपने निकट नहीं आने देता और अविरोध उत्कृष्ट वस्तुओं का एक आकर्षक बिन्दु है।

> 👉 गहरी नींद कैसे आए भाग 01 | Gehri Neend Kese Aaye Part 01  https://youtu.be/ILcWqIvvJMk?si=HYxy9GeiEXZ5V-Ce

> 👉 *शांतिकुंज की गतिविधियों एवं Official WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए अपना नाम लिख कर WhatsApp करें* ➡️ 8439014110

🔹 तुम्हारे भाग्य में आशावाद का स्वर्ग आया है न कि निराशावाद का नर्क। तुम अपनी जीवन यात्रा में मंदगति से घिसटते हुए पशुवत् पड़े रहने के लिए जगत में प्रविष्ट नहीं हुए हो। अपने को अशक्त असमर्थ मानने वाले डरपोक व्यक्तियों की श्रेणी में तुम नहीं हो। तुम दुर्बल अन्तःकरण वाले निराशावादियों की तरह निःसार वस्तुओं के कुत्सित चिंतन में निष्प्रयोजन अपनी शक्तियों का अपव्यय नहीं करते। संसार में तुम उस महान पद पर आसीन होगे जिस पर संसार के अन्य प्रतापी पुरुष होते आये हैं। अभी तुम इस स्थिति में पड़े हो तो क्या, शीघ्र ही उच्चतम विकास के दिव्य प्रदेश में तुम प्रविष्ट होने वाले हो। तुम सर्वेश्वर के पवित्र अंश हो और तुम्हें प्रकृति ने अपनी इष्ट-सिद्धि के लिए पर्याप्त साधन और सामर्थ्य प्रदान किए हैं। तुम एक बार प्रयत्न तो करो।

.... क्रमशः जारी
📖 अखण्ड ज्योति नवम्बर 1950 पृष्ठ 12

👉 आज का सद्चिंतन Aaj Ka Sadchintan 10 Aug 2024


All World Gayatri Pariwar Official  Social Media Platform

> 👉 शांतिकुंज हरिद्वार के प्रेरणादायक वीडियो देखने के लिए Youtube Channel `Shantikunj Rishi Chintan` को आज ही Subscribe करें।

> 👉 *शांतिकुंज हरिद्वार के (अधिकारिक) Official WhatsApp Channel `awgpofficial Shantikunj`को Link पर Click करके चैनल को Follow करें* ➡️  https://whatsapp.com/channel/0029VaBQpZm6hENhqlhg453J

🙏🏽 Please Subscribe, Like, Share and Comment Thanks


Shantikunj WhatsApp
8439014110

Official Facebook Page

Official Twitter

Official Instagram

Youtube Channel Rishi Chintan

Youtube Channel Shantikunjvideo




शुक्रवार, 9 अगस्त 2024

👉 प्रेरणादायक प्रसंग 08 Aug 2024


 👉 शांतिकुंज हरिद्वार के प्रेरणादायक वीडियो देखने के लिए Youtube Channel `Shantikunj Rishi Chintan` को आज ही Subscribe करें।

> 👉 *शांतिकुंज हरिद्वार के (अधिकारिक) Official WhatsApp Channel `awgpofficial Shantikunj`को Link पर Click करके चैनल को Follow करें* ➡️  https://whatsapp.com/channel/0029VaBQpZm6hENhqlhg453J

🙏🏽 Please Subscribe, Like, Share and Comment Thanks


👉 आज का सद्चिंतन 09 Aug 2024


> 👉 शांतिकुंज हरिद्वार के प्रेरणादायक वीडियो देखने के लिए Youtube Channel `Shantikunj Rishi Chintan` को आज ही Subscribe करें।

> 👉 *शांतिकुंज हरिद्वार के (अधिकारिक) Official WhatsApp Channel `awgpofficial Shantikunj`को Link पर Click करके चैनल को Follow करें* ➡️  https://whatsapp.com/channel/0029VaBQpZm6hENhqlhg453J

🙏🏽 Please Subscribe, Like, Share and Comment Thanks


👉 प्रेम और कृतज्ञता का सौंदर्य

निस्वार्थ भाव से, बदला न पाने की इच्छा से और अहसान न जताने के विचार से जो उपकार दूसरों के साथ किया जाता है उसके फल की समता तीनों लोक मिलकर भी नहीं कर सकते। बदला पाने की इच्छा रहित जो भलाई की गई है, वह समुद्र की तरह महान है। कोई मनुष्य किसी आवश्यकता से व्याकुल हो रहा है, उस समय उसकी मदद करना कितना महत्वपूर्ण है, इसे उस व्याकुल मनुष्य का हृदय ही जानता है। जरूरतमंदों को एक राई के बराबर मदद देना उससे बढ़कर है कि बिना जरूरत वाले के पल्ले में एक पहाड़ बाँध दिया जावे।

जिसने तुम्हारे साथ भलाई की है उसके प्रति कृतज्ञता प्रकट करो। सहायता का मूल्य वस्तु के मूल्य से मत नापो, वरन् उसका महत्व अपनी आवश्यकता को देखते हुए नापो कि उस समय यदि वह मदद तुम्हें न मिलती तो तुम्हारा क्या हाल होता। उनका अहसान मत भूलो जिन्होंने मुसीबत के समय तुम्हारी मदद की थी। उपकार को भूल जाना नीचता है, पर उन्हें क्या कहें जो भलाई के बदले बुराई करते हैं?

> 👉 मनुष्य जन्म का उद्देश्य | Manusay Janam Ka Uddesya 

> शांतिकुंज की गतिविधियों एवं Official WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए  अपना नाम लिख कर WhatsApp करें https://wa.me/8439014110

धरती माता से उस दिन मनुष्यों का भार न उठाया जायेगा जिस दिन वे प्रेम और कृतज्ञता छोड़कर निष्ठुर और कृतघ्न बन जायेंगे। आदमी की चमड़ी में क्या खूबसूरती है? सुन्दर तो उसका मन होता है। जिसके मन में दूसरों के प्रति प्रेम भावनाएं उठती रहती हैं, जो दूसरों के थोड़े से भी उपकार का सदा स्मरण करता रहता है और उसका बदला चुकाने का प्रयत्न करता है, वस्तुतः वही मनुष्य सुन्दर है और इसी सौंदर्य से मनुष्यता एवं इस वसुधा की सीमा बढ़ती है।

~ ऋषि तिरुवल्लुवर
📖 अखण्ड ज्योति सितम्बर1964 पृष्ठ 1

http://literature.awgp.org/akhandjyoti/1964/September/v1.3

👉 आप निराश मत हूजिए (भाग १)

आनन्दकंद परमेश्वर की यह विशाल सृष्टि आनन्द मूलक है। सच्चिदानन्द भगवान ही सर्वत्र प्रकट हो रहे हैं उस आनंदघन का आनंदमय ज्ञान प्रत्येक वस्तु से विकसित हो रहा है। भगवान अपने आनन्दमय स्वरूप का सर्वत्र प्रसार कर रहे हैं। जब इस जगत के निर्माणकर्ता का प्रधान गुण आनंद का प्रसार करना है तो संसार में आनंद के अतिरिक्त अन्य क्या हो सकता है। प्रातःकाल हंसता हुआ सूर्य उदित होकर संसार को स्वर्ण रश्मियों से स्नान करा देता है। शीतल सुगंधित वायु मस्ती बिखेरती फिरती है, पक्षीवृन्द आनंद से सने गीत गा गा कर सृष्टिकर्त्ता की उत्कृष्ट कला का प्रकटीकरण करते हैं। विशाल नदियाँ कल कल शब्द कर आनंद बढ़ाती हैं। पुष्पों पर गुँजते हुए मदमाते भ्रमर आनंद के गीत सुना कर हृदय शान्त करते हैं। पृथ्वी का अणु-अणु सुख, ऐक्य, समृद्धि और प्रेम की शक्ति को प्रवाहित कर रहा है। प्रत्येक वस्तु जीवन को स्थायी सफलता और पूर्ण विजय से विभूषित करने को प्रस्तुत है। ऐसी सुँदर सृष्टि में जन्म पा लेना सचमुच बड़े भाग्य की बात है। सतत् तप, पुण्य इत्यादि के उपहार स्वरूप यह दुर्लभ मानव जीवन इसलिए प्राप्त होता है कि हम इसमें पूर्ण आनंद का उपभोग कर जन्म जन्म की थकान मिटा सकें, फिर बतलाइए आप निराश क्यों हैं?

निराशावाद उस महाभयंकर राक्षस के समान है जो मुँह फाड़े हमारे इस परम आनंद जीवन के सर्वनाश की ताक में रहता है, जो हमारी समस्त शक्तियों का हास किया करता है, जो हमें आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर नहीं होने देता और जीवन के अंधकारमय अंश हमारे सम्मुख प्रस्तुत करता है। हमें पग-पग पर असफलता ही असफलता दिखाता है और विजय द्वार में प्रविष्ट नहीं होने देता।

> 👉 *निराश विद्यर्थियो के लिए गायत्री मंत्र एक औषधि | Nirash Vidyarthiyon Ke Liye Gayatri Mantra*  https://youtu.be/Ofsf0Ozk08o?si=Xvx-4lRExjIZyONW

> 👉 *शांतिकुंज की गतिविधियों एवं Official WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए अपना नाम लिख कर WhatsApp करें* ➡️ 8439014110

इस बीमारी से ग्रस्त लोग उदास खिन्न मुद्रा लिए घरों के कोने में पड़े दिन रात मक्खियाँ मारने का काम करते हैं। ये व्यक्ति ऐसे चुम्बक है जो उदासीन विचारों को निरंतर अपनी ओर आकर्षित किया करते हैं और दुर्भाग्य की कुत्सित डरपोक विचारधारा में निमग्न रहा करते हैं। उन्हें चारों ओर कष्ट ही कष्ट दीखते हैं कभी यह, कभी वह, एक से एक भयंकर विपत्ति आती हुई दृष्टिगोचर होती हैं। वे जब बातें करते हैं तो अपनी यातनाओं, विपत्तियों और क्लेशपूर्ण अभद्र प्रसंग छेड़ा करते हैं। हर व्यक्ति से वह यही कहा करते हैं कि भाई हम क्या करें, हम कमनसीब हैं, हमारा भाग फूटा हुआ है, देव हमारे विपरीत है, हमारी किस्मत में विधि ने ठोकरों का ही विधान रखा है। तभी तो हमें थोड़ी-थोड़ी दूर पर लज्जित और परेशान होना, अशान्त, क्षुब्ध और विक्षिप्त होना पड़ता है।’ उनकी चिंतित मुख-मुद्रा देखने पर यही विदित होता है मानों उन्होंने उस पदार्थ से गहरा संबंध स्थिर कर लिया हो जो जीवन की सब मधुरता नष्ट कर रहा हो, उनके सोने जैसे जीवन का समस्त आनंद छीन रहा हो, उन्नति के मार्ग को कंटकाकीर्ण कर रहा हो। मानों समस्त संसार की दुःख विपत्ति उन्हीं के सर पर आ पड़ी हो और उदासी की अंधकारमय छाया उनके हृदय पटल को काला बना दिया है।

.... क्रमशः जारी
📖 अखण्ड ज्योति नवम्बर 1950 पृष्ठ 12

👉 आज का सद्चिंतन Aaj Ka Sadchintan14 Sep 2026

शांतिकुंज हरिद्वार के आधिकारिक डिजिटल परिवार से जुड़े रहें। आध्यात्मिक चिंतन, प्रेरणादायी संदेश, आधिकारिक सूचनाएँ एवं नवीनतम अपडेट प्राप्त ...