गुरुवार, 27 दिसंबर 2018

👉 कैसे मज़बूत बनें (अंतिम भाग)

9 बातों को दिल से न लगायें:

चार्ली चैपलिन को कॉमेडी के बारे बहुत कुछ पता था। उनका यह कथन मशहूर हैं- "नजदीक से देखने पर जिंदगी त्रासदी है, परंतु यदि इसको समझने की कोशिश करें तो यह कॉमेडी है।" अपनी छोटी-छोटी परेशानियों से बुरी तरह प्रभावित हो जाना आसान है। यह परिस्थिति हमारी हर क्रिया-प्रतिक्रिया को सूक्ष्म रूप से प्रभावित करती है। इसलिए जरा सोचिये और जीवन को थोड़ा शांतचित्त होकर, आनंदभाव और थोड़ा ज्यादा प्यार से देखिये। जीवन की अनूठी विविधताओं, अपार संभावनाओं, के साथ-साथ इसकी इसकी विसंगतियां भी आपके चेहरे पर मुस्कान बिखेरने के लिए और आपको यह अहसास कराने के लिए कि आप कितने भाग्यशाली हैं, काफी हैं।

इस बात को स्वीकार करें की जीवन को अगर जरूरत से ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जाए तो इसमें आनंद ज्यादा है। हाँ, सिर्फ हँसते रहना और आनंद उठाते रहने का नाम जीवन नहीं है, पर जीवन में इनका स्थान निश्चित रूप से बहुत महत्वपूर्ण है।

10 हमेशा याद रखें-

कुछ भी स्थायी नहीं है: अगर आप किसी ऐसे संकट या दुख से घिरे है जिससे आप उबर नहीं पा रहे हैं, तो बस शांतचित्त हो जाइये और जो हो रहा है, उसको होने दीजिये। अगर आपकी तकलीफ कुछ ज्यादा ही लंबी खिच रही है, तभी भी याद रखिये जैसे सब कुछ गुजर जाता है, वैसे यह भी गुजर जायेगा।

.....समाप्त

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