शुक्रवार, 19 अक्तूबर 2018

👉 आज का सद्चिंतन 19 October 2018


👉 प्रेरणादायक प्रसंग 19 October 2018


👉 "विचार कर के देखें"

🔶 एक व्यक्ति को रास्ते में यमराज मिल गये वो व्यक्ति उन्हें पहचान नहीं सका। यमराज ने पीने के लिए पानी मांगा उस व्यक्ति ने उन्हें पानी पिलाया। पानी पीने के बाद यमराज ने बताया कि वो उसके प्राण लेने आये हैं लेकिन चूँकि तुमने मेरी प्यास बुझाई है इसलिए मैं तुम्हें अपनी किस्मत बदलने का एक मौका देता हूँ।

🔷 यह कहकर यमराज ने उसे एक डायरी देकर कहा तुम्हारे पास 5 मिनट का समय है इसमें तुम जो भी लिखोगे वही होगा लेकिन ध्यान रहे केवल 5 मिनट। उस व्यक्ति ने डायरी खोलकर देखा तो पहले पेज पर लिखा था कि उसके पड़ोसी की लाॅटरी निकलने वाली है और वह करोड़पति बनने वाला है। उसने वहाँ लिख दिया कि पड़ोसी की लाॅटरी ना निकले।

🔶 अगले पेज पर लिखा था उसका एक दोस्त चुनाव जीतकर मंत्री बनने वाला है उसने लिख दिया कि वह चुनाव हार जाये। इसी तरह वह पेज पलटता रहा और अंत में उसे अपना पेज दिखाई दिया। जैसे ही उसने कुछ लिखने के लिए अपना पैन उठाया यमराज ने उसके हाथों से डायरी ले ली और कहा वत्स तुम्हारा 5 मिनट का समय पूरा हुआ अब कुछ नहीं हो सकता।

🔷 तुमने अपना पूरा समय दूसरों का बुरा करने में निकाल दिया और अपना जीवन खतरे में डाल दिया अतः तुम्हारा अन्त निश्चित है। यह सुनकर वह व्यक्ति बहुत पछताया लेकिन सुनहरा समय निकल चुका था।

🔶 यदि ईश्वर ने आपको कोई शक्ति प्रदान की है तो कभी किसी का बुरा न सोचो न करो। दूसरों का भला करने वाला सदा सुखी रहता है और ईश्वर की कृपा सदा उस पर बनी रहती है।

🔷 प्रण लें आज से हम किसी का बुरा नहीं करेंगे।

👉 विजयादशमी की शुभकामनाएँ।

 🔶 भीतर के रावण को जो, आग स्वयं लगायेंगे ।
सही मायनों में वे ही, दशहरा मनायेंगे।।

🔷 अधर्म पर धर्म की विजय, असत्य पर सत्य की विजय !
बुराई पर अच्छाई की विजय,पाप पर पुण्य की विजय !!

🔶 अत्याचार पर सदाचार की विजय, क्रोध पर क्षमा की विजय !
कठोरता पर उदारता की विजय, अज्ञान पर ज्ञान की विजय !!

🔷 अंधकार पर प्रकाश की विजय, पाश्चात्य पर सनातन की विजय !
अविवेक पर विवेक की विजय, अविद्या पर विद्या की विजय !!

🔶 दुर्बुद्धि पर बुद्धि की विजय, अविश्वास पर विश्वास की विजय !
आसक्ति पर अनासक्ति की विजय, नफरत पर प्रेम की विजय !!

🔷 दुःख पर सुख की विजय, कुसंस्कारों पर संस्कार की विजय !
विकृति पर सुकृति की विजय, दुर्गंध पर सुगंध की विजय !!

🔶 कांटो पर पुष्प की विजय, कुसंस्कृति पर संस्कृति की विजय !
स्वार्थ पर परमार्थ की विजय, असंवेदन पर संवेदन की विजय !!

🔷 अहंकार पर समत्व की विजय, अमर्यादा पर मर्यादा की विजय।
'रावण' पर "श्रीराम"की विजय विजय के प्रतीक पावन पर्व !!

👉 कुँठित भावनाओं को निकाल दीजिए (भाग २)

सेक्तमाहना की अतृप्ति से नैराश्य और उदासीनता उत्पन्न हो जाती है। कुछ स्त्री पुरुष तो अर्द्धविक्षिप्त से हो जाते हैं, कुछ का विकास रुक जा...