मंगलवार, 18 सितंबर 2018

👉 अच्छाई पलटकर आती है

🔶 ब्रिटेन में फ्लेमिंग नाम का एक किसान था. एक दिन वह अपने खेत में काम कर रहा था. तभी उसने किसी के चीखने की आवाज़ सुनी। आवाज़ की दिशा में जाने से किसान ने देखा एक बच्चा दलदल में धस रहा है। आनन-फानन में उसने एक लंबी सी टहनी खोजी और उसके सहारे से बच्चे को दलदल से बाहर निकाला।

🔷 दूसरे दिन किसान के घर के पास एक घोड़ागाड़ी आकर रुकी. उसमे से एक अमीर आदमी उतरा और बोला मैं उसी बच्चे का पिता हूँ, जिसे कल फ्लेमिंग ने बचाया था। अमीर व्यक्ति ने आगे कहा मैं इस अहसान को चुकाना चाहता हूँ, लेकिन फ्लेमिंग ने कुछ भी लेने से साफ मना कर दिया और कहा यह तो मेरा कर्तव्य था। इसी दौरान फ्लेमिंग का बेटा बाहर आया। उसे देखते ही अमीर व्यक्ति के मन में एक विचार आया। उसने कहा मैं तुम्हारे बेटे को अपने बेटे की तरह पालना चाहता हूँ। उसे भी वो सारी सुख-सुविधायें और उच्च शिक्षा दी जायेगी, जो मेरे बेटे के लिये होगी। ताकि भविष्य में वह एक बड़ा आदमी बन सके। बच्चे के भविष्य की खातिर फ्लेमिंग भी मान गया।

🔶 कुछ वर्षो बाद किसान फ्लेमिंग का बेटा लंदन के प्रतिष्ठित सेंट मेरीज हॉस्पिटल मेडिकल स्कूल से स्नातक हुआ और पूरी दुनिया ने उसे महान वैज्ञानिक, पेनिसिलिन के आविष्कारक ‘सर अलेक्जेंडर फ्लेमिंग’ के रूप में जाना।

🔷 कहानी अभी बाकी है. कई बरसों बाद, उस अमीर व्यक्ति का बेटा बहुत ही गंभीर रूप से बीमार हुआ। तब उसकी जान पेनिसिलिन से बचाई गई. उस अमीर व्यक्ति का नाम, रैंडोल्फ़ चर्चिल और बेटे का नाम, विंस्टन चर्चिल था, जो दो बार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री भी रहे।

🔶 इस कहानी से यह प्रेरणा मिलती है कि जीवन में किसी भी तरह किसी की मदद की जायें, तो अच्छाई पलट-पलट कर आपके जीवन में ज़रूर आती है।

👉 आज का सद्चिंतन 18 September 2018


👉 प्रेरणादायक प्रसंग 18 September 2018


👉 पहले अपने अंदर झांको Pehle Apne Andar Jhanko

पुराने जमाने की बात है। गुरुकुल के एक आचार्य अपने शिष्य की सेवा भावना से बहुत प्रभावित हुए। विधा पूरी होने के बाद शिष्य को विदा करते समय...