👉 हमारी आध्यात्मिक जिज्ञासा और आकांक्षा (अंतिम भाग)

इतिहास में किसी अत्याचारी अथवा आततायी का वर्णन पढ़कर मनुष्य के हृदय में यह भाव नहीं आता कि वह भी उसी की तरह रक्त पात करता, दूसरों को पीड़ा प...