गुरुवार, 6 अगस्त 2026
👉 सुख और दुःख दृष्टिकोण मात्र हैं। (अंतिम भाग)
👉 प्रेरणादायक प्रसंग 06 Aug 2026
👉 आज का सद्चिंतन Aaj Ka Sadchintan 06 Aug 2026
भगवान सब को देखता है।
एक बार एक भला आदमी बेकारी से दुखी था। उसकी यह दशा देखकर एक चोर को सहानुभूति उपजी। उसने कहा-मेरे साथ चला करो ‘चोरी में बहुत धन मिला करेगा। ‘वह बेकार आदमी तैयार हो गया। पर उसे चोरी आती न थी। उसने साथी से कहा मुझे चोरी आती तो है नहीं करूँगा कैसे? चोर ने कहा इसकी चिन्ता न करो मैं सब सिखा लूँगा। पहले हलका काम कराऊँगा फिर कठिनाई के मौके पर चलना। वह तैयार हो गया।
चोर एक किसान का पका हुआ खेत काटने गया। वह खेत
गाँव से कुछ दूर जंगल में था। वैसे तो रात में उधर कोई रखवाली नहीं थी। तो भी चोर ने
उस नये साथी को खेत के मेंड़ पर खड़ा कर दिया कि वह निगरानी करता रहे कि कही कोई देखता
तो नहीं है। वह खुद खेत काटने लग गया।
नये चोर ने थोड़ी ही देर में आवाज लगाई कि -भाई
जल्दी उठों ,यहाँ से भाग चलें ,खेत का मालिक
पास ही खड़ा देख रहा है, मैं तो भागता हूँ।, चोर काटना छोड़ कर उठ खड़ा हुआ ओर वह भी भागने लगा। कुछ दूर जाकर दोनों खड़े
हुए तो चोर ने साथी से पूछा-मालिक कहाँ था? कैसे देख रहा था?
उसने कहा- ईश्वर सब का मालिक है। इस संसार में जो कुछ है, उसी का है। वह हर जगह मौजूद है और सब कुछ देखता है। मेरी आत्मा ने कहा-ईश्वर
यहाँ भी मौजूद है और हमारी चोरी को देख रहा है। ऐसी दशा में हमारा भागना ही उचित था।
भगवान सब जगह है और सब को देख रहा है। उसके न्याय
और दंड से कोई बच नहीं सकता। यह विश्वास करने वाला मनुष्य ही पापों से बच सकता है।
शांतिकुंज हरिद्वार के आधिकारिक डिजिटल परिवार से जुड़े रहें।
👉 आज का सद्चिंतन Aaj Ka Sadchintan 28 Aug 2026
शांतिकुंज हरिद्वार के आधिकारिक डिजिटल परिवार से जुड़े रहें। आध्यात्मिक चिंतन, प्रेरणादायी संदेश, आधिकारिक सूचनाएँ एवं नवीनतम अपडेट प्राप्त ...


