बुधवार, 5 सितंबर 2018

👉 "शीघ्रता नहीं

🔷 उत्तम रीती अंग्रेजी भाषा में प्रख्यात साहित्यकार बुल्वर लिटन शौकिया तौर पर ही लिखा करते थे लेकिन उन्होंने जो कुछ भी लिखा वह इतना श्रेष्ठ था कि उसके कारण लिटन की गणना अंग्रेजी के अग्रणी लेखकों में की जाती है। एक बार किसी ने उनसे इसका रहस्य पूछा तो लिटन ने कहा कि "मैं कभी शीघ्रतापूर्वक बहुत अधिक काम कर डालने की कोशिश नहीं करता बल्कि उसे उत्तम रीति से करना ही ज्यादा पसंद करता हूँ। अगर आज अपनी शक्ति से अधिक काम कर डाला जाए तो कल तक थकान आ जाएगी और फिर थोड़ा-सा काम भी ठीक ढंग से नहीं हो सकेगा।

🔶 जब मैंने कालेज छोड़ा और सांसारिक कामों में पड़ा तो उसके पहले वास्तव में मैंने ऐसे कामों का कोई अध्ययन नहीं किया था। लेकिन इसके बाद मैं पढ़ने लगा और मेरा विश्वास है कि मैंने सामान्य लोगों से कम नहीं पढ़ा। मैंने बहुत-सी दूर-दूर देशों की यात्राएँ कीं, राजनीति में भाग लिया और उद्योग धंधों में भी समय बिताया। फिर भी साठ से अधिक किताबें लिख डालीं। आपको विश्वास नहीं होगा कि मैंने इस पढ़ने-लिखने में कभी तीन घंटे से अधिक समय खर्च नहीं किया। लेकिन इन तीन घंटों में जो भी पढ़ता-लिखता था वह पूरी एकाग्रता, तन्मयता और तत्परता के साथ।"

✍🏻 पं श्रीराम शर्मा आचार्य
📖 बड़े आदमी नहीं महामानव बनें, पृ. 21"

👉 आज का सद्चिंतन 5 September 2018


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