‼️ हमीं एक कदम और आगे बढ़ें ( भाग 2) ‼️

गीताकार ने योगी की व्याख्या करते हुए उसकी पहचान “दिन में सोने रात में जगने की” बताई है। इस अलंकारिक निरूपण का तात्पर्य है दुनियादारी की रीति...