बर्बाद हो रहा ₹244 Cr का खाना
🔷 देश ने भले ही मंगल ग्रह तक पहुंच बना ली हो लेकिन अब भी भारत की बड़ी आबादी को भूखा सोना पड़ता है। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि भारत में कम अनाज पैदा होता है, बल्कि यह जरूरतमंदों तक पहुंच ही नहीं पाता। युनाइटेड नेशन की फूड एंड एग्रिकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) ने इससे जुड़ी एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में क्या है जानिए -
🔷 देश ने भले ही मंगल ग्रह तक पहुंच बना ली हो लेकिन अब भी भारत की बड़ी आबादी को भूखा सोना पड़ता है। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि भारत में कम अनाज पैदा होता है, बल्कि यह जरूरतमंदों तक पहुंच ही नहीं पाता। युनाइटेड नेशन की फूड एंड एग्रिकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) ने इससे जुड़ी एक रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट में क्या है जानिए -
🔶 FAO ने रिपोर्ट में बताया है कि भारत हर साल 244 करोड़ रुपये का खाना बर्बाद कर देता है जो कि सालाना के हिसाब से 88,800 करोड़ रुपये बैठता है। वहीं दूसरी तरफ भारत में ही रोजाना 19 करोड़ चालिस लाख लोग भूखे रहते हैं।
🔷 बर्बाद सामान में 21 मिलियन टन गेहूं संबंधी उत्पादन होता है। वहीं फसल कटाई के बाद होने वाला नुकसान एक लाख करोड़ रुपये के करीब बैठता है। कुल उत्पादित होने वाली खाद्य सामग्री का चालिस प्रतिशत हर साल बर्बाद हो जाता है।
🔶 रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की जनसंख्या को खिलाने के लिए हर साल 225-230 मिलियन टन खाने की जरूरत है। वहीं 2015-16 में 270 मिलियन टन का उत्पादन हुआ था।
🔷 वैश्विक भूख सूचकांक में भारत की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। 119 देशों में भारत 100वें नंबर पर है। बता दें कि 2016 में भी एक रिपोर्ट आई थी। उसमें कहा गया था कि ब्रिटेन के लोग जितना खाना खाते हैं उतना भारतीय बर्बाद कर देते हैं।
🔷 वैश्विक भूख सूचकांक में भारत की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। 119 देशों में भारत 100वें नंबर पर है। बता दें कि 2016 में भी एक रिपोर्ट आई थी। उसमें कहा गया था कि ब्रिटेन के लोग जितना खाना खाते हैं उतना भारतीय बर्बाद कर देते हैं।












































