गुरुवार, 10 अक्टूबर 2019

मैं ढूँढ़ता तुझे था, जब कुञ्ज और वन में | Mai Dhundta Tujhe Tha | Pragya...



Title

कोई टिप्पणी नहीं:

👉 सुख-दुःख मानसिक स्थिति पर अवलम्बित हैं (भाग १)

सुख-शाँति की उपलब्धि हो सकती है, यह ध्रुव सत्य है। जो लोग यह मान्यता बनाये बैठे है कि यह संसार तो दुःखों का आगार है, यहाँ पर सुख दुर्लभ है, ...