बुधवार, 24 मई 2017
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👉 सुख-दुःख मानसिक स्थिति पर अवलम्बित हैं (भाग १)
सुख-शाँति की उपलब्धि हो सकती है, यह ध्रुव सत्य है। जो लोग यह मान्यता बनाये बैठे है कि यह संसार तो दुःखों का आगार है, यहाँ पर सुख दुर्लभ है, ...

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