👉 हम देवत्व की ओर बढ़ें असुरता की ओर नहीं (अन्तिम भाग)

केवल पारमार्थिक विचार रखने अथवा परोपकार का म नहीं मन चिंतन करने से प्रयोजन पूर्ण न होगा। उसके लिये तदनुकूल सक्रियता की भी आवश्यकता है। भावना...