�� हम बदलेंगे - युग बदलेगा, हम सुधरेंगे - युग सुधरेगा
परमात्मा हमें विवेक प्रदान करें कि उनकी सर्वत्र है तथा जैसी करनी वैसा फल निश्चित है।***
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सुख-शाँति की उपलब्धि हो सकती है, यह ध्रुव सत्य है। जो लोग यह मान्यता बनाये बैठे है कि यह संसार तो दुःखों का आगार है, यहाँ पर सुख दुर्लभ है, ...
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परमात्मा हमें विवेक प्रदान करें कि उनकी सर्वत्र है तथा जैसी करनी वैसा फल निश्चित है।***
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