👉 सुख-दुःख मानसिक स्थिति पर अवलम्बित हैं (भाग ३)

जो मनीषी संतुलित मन वाले होते है। राग-द्वेष ईर्ष्या, स्पर्धा, उद्वेगों आवेशों से चलायमान नहीं होते, उनको और असन्तोष के कारण प्रभावित नहीं कर...