�� हम बदलेंगे - युग बदलेगा, हम सुधरेंगे - युग सुधरेगा
इस विषय पर एक प्रश्न : वर्तमान परिस्थितियाँ यदि स्वयं द्वारा निर्मित है तो इससे उबरने का अब क्या तरीका हो सकता है या क्या करे ?
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पुण्य परमार्थ की इस आवश्यकता को प्रायः सज्जन व्यक्ति अनुभव करते हैं। किन्तु उसको कार्यान्वित करने में प्रमाद बरतते हैं। इस प्रमाद का व्यवहार...
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इस विषय पर एक प्रश्न :
वर्तमान परिस्थितियाँ यदि स्वयं द्वारा निर्मित है तो इससे उबरने का अब क्या तरीका हो सकता है या क्या करे ?
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वर्तमान परिस्थितियाँ यदि स्वयं द्वारा निर्मित है तो इससे उबरने का अब क्या तरीका हो सकता है या क्या करे ?
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