गुरुवार, 31 जनवरी 2019

👉 अपनी रोटी बाँट कर खाइए

आप पड़े सौभाग्यशाली हैं यदि आपको ईश्वर ने श्रम, वैभव, विद्या, पद, बल, यश तथा चातुर्य दिया है। इन विभूतियों की सहायता से आपका जीवन सुखी और आनंदमय होगा, परंतु वह आनंद अधूरा, नीरस और क्षणिक होगा, यदि इन संपदाओं का उपयोग केवल अपने ही संकुचित लाभ के लिए करेंगे। आनंद को अनेक गुना बढ़ाने का मार्ग यह है कि अपनी रोटी बाँट कर खाओ।

जो आपको प्राप्त है, उसका कुछ अंश उन लोगों को बाँट दो, जिन्हें इसकी आवश्यकता है। इससे दुहरा लाभ होगा। वह अभावग्रस्त मनुष्य उन्नति के साधन प्राप्त करके विकसित होगा और त्याग करने पर जो आनंद एवं आध्यात्मिक सुगंध उत्पन्न होती है, आप उसे प्राप्त करेंगे। दोनों पक्षों को एक अपूर्व आनंद प्राप्त होगा और उसके कारण संसार के सुख में कुछ और वृद्धि हो जाएगी।

आनंद का सच्चा मार्ग यह है कि अपनी रोटी बाँट कर खाओ। अपनी संपदाओं से दूसरों की सहायता करके वही करो जो ईश्वर ने तुम्हारे साथ किया है। ईश्वर को `आनंदघन’ कहा जाता है क्योंकि वह अपनी दिव्य विभूतियाँ नि:स्वार्थ भाव से प्राणियों को देता है।

आप भी सर्वोच्च आनंदमय महान पद प्राप्त कर सकते हैं, बशर्ते कि अपनी रोटी बाँट कर खाएँ।

📖 अखण्ड ज्योति अप्रैल 1943

न तो हिम्मत हारे ओर न हार स्वीकार करें
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https://youtu.be/VtI_TWH4K2Q

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