सोमवार, 4 दिसंबर 2017

👉 दूसरे की गलती

🔸 एक बार गुरू आत्मानंद ने अपने चार शिष्यों को एक पाठ पढाया। पाठ पढाने के बाद वह अपने शिष्यों से बोले- “अब तुम चारों इस पाठ का स्वाध्ययन कर इसे याद करो। इस बीच यह ध्यान रखना कि तुममें से कोई बोले नहीं। एक घंटे बाद मै तुमसे इस पाठ के बारे में बात करुँगा।“

🔹 यह कह कर गुरू आत्मानंद वहाँ से चले गए। उनके जाने के बाद चारों शिष्य बैठ कर पाठ का अध्ययन करने लगे। अचानक बादल घिर आए और वर्षा की संभावना दिखने लगी।

🔸 यह देख कर एक शिष्य बोला- “लगता है तेज बारिश होगी।“

🔹 ये सुन कर दूसरा शिष्य बोला- “तुम्हें बोलना नहीं चाहिये था। गुरू जी ने मना किया था। तुमने गुरू जी की आज्ञा भंग कर दी।“

🔸 तभी तीसरा शिष्य भी बोल पडा- “तुम भी तो बोल रहे हो।“

🔹 इस तरह तीन शिष्य बोल पडे, अब सिर्फ चौथा शिष्य बचा वो कुछ भी न बोला। चुपचाप पढता रहा।

🔸 एक घंटे बाद गुरू जी लौट आए। उन्हें देखते ही एक शिष्य बोला- “गुरूजी! यह मौन नहीं रहा, बोल दिया।“

🔹 दुसरा बोला- “तो तुम कहाँ मौन थे, तुम भी तो बोले थे।“

🔸 तीसरा बोला- “इन दोनो ने बोलकर आपकी आज्ञा भंग कर दी।“

🔹 ये सुन पहले वाले दोनो फिर बोले- “तो तुम कौन सा मौन थे, तुम भी तो हमारे साथ बोले थे।“

🔸 चौथा शिष्य अब भी चुप था।

🔹 यह देख गुरू जी बोले- “मतलब तो ये हुवा कि तुम तीनो ही बोल पडे। बस ये चौथा शिष्य ही चुप रहा। अर्थात सिर्फ इसी ने मेरी शिक्षा ग्रहण की और मेरी बात का अनुसरण किया। यह निश्चय ही आगे योग्य आदमी बनेगा। परंतु तुम तीनो पर मुझे संदेह है। एक तो तुम तीनों ने मेरी आज्ञा का उल्लंघन किया; और वह भी एक-दूसरे की गलती बताने के लिये। और ऐसा करने में तुम सबों ने स्वयं की गलती पर ध्यान न दिया।

🔸 आमतौर पर सभी लोग ऐसा ही करते हैं। दूसरों को गलत बताने और साबित करने की कोशिश में स्वयं कब गलती कर बैठते हैं। उन्हें इसका एहसास भी नहीं होता। यह सुनकर तीनो शिष्य लज्जित हो गये। उन्होंने अपनी भूल स्वीकार की, गुरू जी से क्षमा माँगी और स्वयं को सुधारने का वचन दिया।

13 टिप्‍पणियां:

yashwant singh ने कहा…

bबहुत सुंदर

Unknown ने कहा…

Very nice

Unknown ने कहा…

Very nice....

Unknown ने कहा…

Very nice....

manju sharma ने कहा…

is duniya mei sab teacher hai par koi bhi precher nahi banana chahata hai.

Unknown ने कहा…

अति सुन्दर

Unknown ने कहा…

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Unknown ने कहा…

अति सुंदर

Unknown ने कहा…

अति सुंदर

Unknown ने कहा…

गुरु की आज्ञा मे भी ज्ञान छिपा होता है "बुरा मत बोलो "

Unknown ने कहा…

गुरू बिन घोर अंधेरा

rajesh kumar ने कहा…

guru is essential for showing the right way

HP ने कहा…

very piratical, this is what going on in our daily life. Blessing of true Guru can identify and correct it.

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