सोमवार, 30 जुलाई 2018

👉 आज का सद्चिंतन 30 July 2018


कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

👉 विष को अमृत बना लीजिए।

शायद तुम्हारा मन अपने दुस्स्वभावों को छोड़ने के लिए तैयार नहीं होता। काम क्रोध लोभ मोह के चंगुल में तुम जकड़े हुए हो और जकड़े ही रहना चा...