सोमवार, 10 जुलाई 2017

👉 Lose Not Your Heart Day 10

🌹  Look for the Treasure Within Yourself

🔵 Keep your mind engaged in useful tasks; do not let it go idle. Take life seriously. The task of spiritual growth is before you, and time is very short. If you are led astray by your own negligence, you alone will have to pay the price.

🔴 Patience and hope will enable you to face any situation. Stand on your own feet and challenge the entire world if you need to, but you should only be satisfied after attaining your highest goals. When others look outside for worldly treasure, look inside for the treasure within yourself.

🌹 ~Pt. Shriram Sharma Acharya

👉 प्रेरणादायक प्रसंग 10 July 2017


👉 आज का सद्चिंतन 10 July 2017


👉 हारिय न हिम्मत दिनांक :: १०

🌹  अंतःकरण के धन को ढ़ूंढो

🔵 तुम्हें अपने मन को सदा कार्य में लगाए रखना होगा। इसे बेकार न रहने दो। जीवन को गंभीरता के साथ बिताओ। तुम्हारे सामने आत्मोन्नति का महान कार्य है और पास में समय थोड़ा है। यदि अपने को असावधानी के साथ भटकने दोगे तो तुम्हें शोक करना होगा और इससे भी बुरी स्थिति को प्राप्त होगे।

🔴 धैर्य और आशा रखो तो शीघ्र ही जीवन की समस्त स्थिति का सामना करने की योग्यता तुम में आ जाएगी। अपने बल पर खड़े हेाओ। यदि आवश्यक हो तो समस्त संसार को चुनौती दे दो। परिणाम में तुम्हारी हानि नहीं हो सकती। तुम केवल सबसे महान से संतुष्ट रहो। दूसरे भौतिक धन की खोज करते हैं और तुम अंत:करण के धन केा ढूंढो।

🌹 ~पं श्रीराम शर्मा आचार्य


👉 Lose Not Your Heart Day 10
🌹  Look for the Treasure Within Yourself

🔵 Keep your mind engaged in useful tasks; do not let it go idle. Take life seriously. The task of spiritual growth is before you, and time is very short. If you are led astray by your own negligence, you alone will have to pay the price.

🔴 Patience and hope will enable you to face any situation. Stand on your own feet and challenge the entire world if you need to, but you should only be satisfied after attaining your highest goals. When others look outside for worldly treasure, look inside for the treasure within yourself.

🌹 ~Pt. Shriram Sharma Acharya

👉 हारिय न हिम्मत दिनांक: ९

🌹  नम्रता, सरलता, साधुता, सहिष्णुता

🔵 सहिष्णुता का अभ्यास करो। अपने उत्तरदायित्व को समझो। किसी के दोषों को देखने और उन पर टीका- टिप्पणी करने के पहले अपने बड़े- बड़े दोषों का अन्वेषण करो। यदि अपनी वाणी कानियत्रंण नहीं कर सकते तो उसे दूसरों के प्रतिकूल नहीं बल्कि अपने प्रतिकूल उपदेश करने दो।

🔴 सबसे पहले अपने घर को नियमित बनाओ क्योंकि बिना आचरण के आत्मानुभव नहीं हो सकता।नम्रता, सरलता,, साधुता,, सहिष्णुता ये सब आत्मानुभव के प्रधान अंग हैं।
दूसरे तुम्हारे साथ क्या करते हैं इसकी चिंता न करो। आत्मोन्नति में तत्पर रहो। यदि यह तथ्य समझ लिया तो एक बड़े रहस्य को पा लिया।

🌹 ~पं श्रीराम शर्मा आचार्य


👉 Lose Not Your Heart Day 9
🌹  Courtesy, Simplicity, Empathy, Compassion

🔵 It is your responsibility to cultivate courtesy, simplicity, empathy, and compassion. Before looking for and criticizing faults in others,
address the glaring flaws in yourself. If you are unable to control your speech, use it against yourself instead of others.

🔴 First, discipline yourself. Without discipline, you cannot experience your true nature. Courtesy, simplicity, empathy, and compassion are all manifestations of this true nature.

🔵 Disregard how others treat you and stay focused on your own growth. If you can grasp this, you have understood a great secret.

🌹 ~Pt. Shriram Sharma Acharya

👉 निर्माण से पूर्व सुधार की सोचें (भाग १)

महत्त्व निर्माण का ही है। उपलब्धियाँ मात्र उसी पर निर्भर हैं। इतना होते हुए भी पहले से ही जड़ जमाकर बैठी हुई अवांछनीयता निरस्त करने पर सृ...