शुक्रवार, 3 अगस्त 2018

👉 क्षमा करने वाला सुख की नींद सोता है

🔷 क्षमा उठाती है ऊँचा आप को: व्यक्ति बदला लेकर दूसरे को नीचा दिखाना चाहता है, पर इस प्रयास में वो खुद बहुत नीचे उतर जाता है।

🔶 एक बार एक धोबी नदी किनारे की सिला पर रोज की तरह कपडे धोने आया। उसी सिला पर कोई महाराज भी ध्यानस्थ थे। धोबी ने आवाज़ लगायी, उसने नहीं सुनी। धोबी को जल्दी थी, दूसरी आवाज़ लगायी वो भी नहीं सुनी तो धक्का मार दिया।

🔷 ध्यानस्थ की आँखें खुली, क्रोध की जवाला उठी दोनों के बीच में खूब मार -पिट और हाथा पायी हुयी। लूट पिट कर दोनों अलग अलग दिशा में बेठ गए। एक व्यक्ति दूर से ये सब बेठ कर देख रहा था। साधु के नजदीक आकर पूछा, महाराज आपको ज्यादा चोट तो नहीं लगी, उसने मारा बहुत आपको। महाराज ने कहा, उस समय आप छुडाने  क्यों नहीं आए? व्यक्ति ने कहा, आप दोनों के बीच मे जब युद्ध हो रहा था उस समय में यह निर्णय नहीं कर पाया की धोबी कोन है और साधू कौन है?

🔶 प्रतिशोध और बदला साधू को भी धोबी के स्तर पर उतार लाता है। इसीलिए कहा जाता है की, बुरे के साथ बुरे मत बनो, नहीं तो साधू और शठ की क्या पहचान। दूसरी तरफ, क्षमा करके व्यक्ति अपने स्तर से काफी ऊँचा उठ जाता है। इस प्रकिर्या में वो सामने वाले को भी ऊँचा उठने और बदलने की गुप्त प्रेरणा या मार्गदर्शन देता है।

🔷 “प्रतिशोध और गुस्से से हम कभी कभार खुद को नुक्सान पहुचां बैठते हैं जिस से हमें बाद में खुद बहुत पछतावा होता है।

🔶 आईये हम कुछ बातें बताते हैं इस से जुडी हुयी.”

👉 1. दोस्तों गुस्से में लिया गया फैसला अक्सर करके गलत ही साबित होता है, तो इसीलिए हमें खुद पर काबू रखना बहुत जरुरी है।

👉 2. क्षमा करने से सामने वाले व्यक्ति के नजर में हमारी इज्जत, सम्मान और बढ़ जाती है।

👉 3. गुस्सा करने वाला व्यक्ति हमेशा खुद का ही नुक्सान पंहुचाता है।

👉 4. गुस्से में हमेशा अक्सर करके वो काम हो जाता है जिस से हम दूसरों को और खुद को भी नुक्सान पहुचाने के साथ साथ लोगों के दिलों में नफरत पैदा कर देते हैं।

👉 5. दोस्तों आपको जब भी गुस्सा आये या किसी के ऊपर गुस्सा हो तो हमें चाहिए की उस समय  हम अपने दिमाग और मन को शांत रखें (नियंत्रण करना सीखें) या फिर हम वहां से कहीं दूसरी जगह पर चले जाएँ।

17 टिप्‍पणियां:

MJF Lion RadheyShyam Maurya ने कहा…

बहुत सुंदर

Shobhana Srivastava ने कहा…

sahi hai krodh aane per chup ho ker dur hut jana chahiye

manoj dev sharma ने कहा…

दिमाग और मन को शान्त व नियन्त्रित करने के लिये क्या करें ।

rahul_15 ने कहा…

Dur jaane me bhi paresani hai saamne wale ko lagta hai ki hum uska apman kar rahe hai

Hakubhai Karmatiya ने कहा…

Very very important idea.

Hakubhai Karmatiya ने कहा…

Very very important idea.

Rashmi Gupta ने कहा…

Very inspiring

Rashmi Gupta ने कहा…

Very inspiring

Unknown ने कहा…

Mere anubhav se aap sandeep maheswari ki how to control mind video dekhe.

Chandra Shekher Joshi ने कहा…

bahut achchi katha hai

Vidya Sagar ने कहा…

ye to BAhut Achhi shikh hai par
how to make it in our behavior ?

Gyanendra kumar ने कहा…

Sukhad anbhav hi .shant rahna.

priyanka panwar ने कहा…

Mai is seekh ko apne jivan me utarna chahti hu.

Naresh Khasor ने कहा…

contact me nkhasor74@gmail.com

Anil Agrawal ने कहा…

Very very heart touching story

Unknown ने कहा…

बहुत अच्छा

Kravichandra Jha ने कहा…

Krodh pe hamesh lagam rakhni chahiye, lekin hum wahi nahi kar sakte aur mat kha jate hain.