गुरुवार, 9 फ़रवरी 2017

👉 एक विशेष समय (भाग 1)

👉 युग ऋषि की अमृतवाणी

🔴 हममें से प्रत्येक परिजन को कुछ मान्यताएँ अपने मन में गहराई तक उतार लेनी चाहिए, इसलिये कि जिस समय में हम और आप जीवित रह रहे हैं, एक ऐसा समय है, जिसमें युग बदल रहा है और युग परिवर्तन की वेला है। हम में से प्रत्येक साधक को यह मानकर चलना चाहिए कि हमारा व्यक्तित्व विशेष है। हमको भगवान् ने किसी विशेष काम के लिये भेजा है। कीड़े-मकोड़े और दूसरे सामान्य तरह के प्राणी पेट भरने के लिये और औलाद पैदा करने के लिये पैदा होते हैं। मनुष्यों में से भी बहुत सारे ऐसे ही नर-पामर और नरकीटक हैं, उनके जीवन का कोई लेखा-जोखा नहीं, पेट भरने के अलावा और औलाद पैदा करने के अलावा दूसरा कोई काम वो न कर सकेगा, लेकिन कुछ विशेष व्यक्तियों के ऊपर भगवान् विश्वास करते हैं और ये मानकर भेजते हैं कि ये हमारे भी कुछ काम आ सकते हैं, अपने ही गोरख-धंधे में ही नहीं फँसे रहेंगे।

🔵 युग निर्माण परिवार के हर व्यक्ति को अपने बारे में ऐसी मान्यता बनानी चाहिए कि हमको भगवान् ने कोई विशेष काम के लिये भेजा है। ये कोई विशेष समय है और हममें से हर आदमी को यह अनुभव करना चाहिए कि युग की आवश्यकताओं को पूरा करने का उत्तरदायित्व हमारे कंधे पर है। अगर ये विश्वास कर सकें तो आपकी प्रगति का द्वार खुल सकता है और आप महामानवों के रास्ते पर चल सकते हैं और इस अपने परिवार के निर्माण का उद्देश्य आप सफलतापूर्वक पूरा कर सकते हैं। आपको विशिष्ट व्यक्तित्व मिलेगा, जो सामान्य मनुष्यों जैसा नहीं होगा।

🔴 ये विशेष समय है, सामान्य जैसे शान्ति के समय होते हैं, वैसा नहीं। ये आपत्तिकाल जैसा समय है और आपत्तिकाल में आपातकालीन उत्तरदायित्व होते हैं। हमारे ऊपर की जिम्मेदारियाँ, सामान्य जिम्मेदारियाँ नहीं हैं। पेट भरने मात्र की जिम्मेदारियाँ नहीं हैं। इस युग की भी जिम्मेदारियाँ हैं, ये मानकर हमको चलना चाहिए और ये मानकर के चलना चाहिए कि रीछ-वानर जिस तरीके से विशेष भूमिका निभाने के लिये आये थे और ग्वाल-बाल, श्रीकृष्ण भगवान् के साथ में विशेष उत्तरदायित्व निभाने के लिये आये थे। आप लोग इस तरह का अनुभव और विश्वास कर सकें कि आप लोग उसी तरीके से जुड़े हुए हैं और विशेष उत्तरदायित्व महाकाल का सौंपा हुआ है, उसे पूरा करने के लिये हम लोग आये हुए हैं। अगर ये बात मान सके तो फिर आपके सामने नये प्रश्न उत्पन्न होंगे और नई समस्याएँ उत्पन्न होंगी और नये आधार और नये कारण उत्पन्न होंगे।

🌹 क्रमशः जारी
🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य
http://hindi.awgp.org/gayatri/AWGP_Offers/Literature_Life_Transforming/amart_vachan_jivan_ke_sidha_sutra/ek_vishesh_samay

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