शनिवार, 28 जनवरी 2017

👉 आप अपने आपको पहचान लीजिये (भाग 9)

👉 युग ऋषि की अमृतवाणी
🔴 रीछ बंदरों का जीवन धन्य हो गया। लंका की पराजय हो गई और रामराज्य स्थापित हो गया। यदि रामराज्य स्थापित न हुआ होता तब रावण की पराजय न हुई होती तब और सीता को वापस नहीं लाया गया होता तब तो जो हम और आप राम नाम लेते हैं कहाँ लेते राम नाम। यो कहते कि उसकी बीबी को तो रावण चुरा ले गया इतनी हिम्मत तो थी नहीं कि बीबी को छुड़ा लाता राम काहे का भगवान् काहे बात का। उन्होंने रीछ बंदरों ने भगवान् बना दिया राम को। रीछ बंदरों ने रामराज्य की स्थापना कर दी। किसने स्थापना की मनुष्यों ने स्थापना की। चेतन में सामर्थ्य होती है जड़ में सामर्थ्य नहीं होती। बन्दूकों में सामर्थ्य नहीं होती तोपों में सामर्थ्य नहीं होती परमाणु बमों में सामर्थ्य नहीं होती मनुष्यों की जीवात्माओं में और मनुष्यों के भीतर जो चेतना समाई हुई है उसमें शक्ति होती है।

🔵 आपके भीतर बहुत शक्ति है और उस शक्ति का ठीक इस्तेमाल इस समय करें और आप सोये नहीं। यह न तो इस बात का समय है कि आप अपने आपको भूल जाये कि आप कौन हैं और न यह इस बात का समय है कि आप यह देखें कि सारी दुनिया का भाग्य लिखा जा रहा है यह ऐसा वक्त है जैसा कि संविधान किसी जमाने में लिखा गया था हिन्दुस्तान का संविधान यह है इसी तरीके से मानव जाति का भविष्य और भाग्य अभी लिखा जा रहा है और उस लिखे हुये भाग्य और भविष्य में आपका कोई योगदान होना चाहिये कि नहीं। होना चाहिये। मेरा ख्याल है कि आपका योगदान जरूर होना चाहिये। और आप योगदान करेंगे तो कोई अच्छी बात है। नहीं साहब तो हम आपका कहना क्यों माने।

🔴 तो आप हमारा कहना इसलिये मानिए कि हम जिम्मेदार आदमी हैं। और हम अपने जीवन में सफल आदमी हैं। जो बात हम कहते हैं जानबूझकर कहते हैं समझ बूझकर कहते हैं अपनी जबान का ख्याल रखते हुए कहते हैं आपकी भलाई का ध्यान रखते हुए कहते हैं और ५०० करोड़ मनुष्य हमारे दिमाग के आसपास घूमते हैं उनके जीवन मरण का प्रश्न देखकर आपसे कहते हैं। कि आप थोड़ा सा समय निकाल दीजिये हमारे लिए हमें बहुत सख्त जरूरत है। काहे की हमें भी साहब बहुत जरूरत है। आपको भी होगी मैं यह थोड़े कहता हूँ कि आपको खेती नहीं करनी मैं यह थोड़े कहता हूँ कि आपके पास दुकान नहीं है। मैं यह थोड़े कहता हूँ कि आप एक साल फैल हो जायेंगे इम्तहान में तो कोई बहुत बड़ी मुसीबत आ जायेगी। नहीं मैं कहा कह रहा हूँ आपसे थोड़ा यह कह रहा हूँ कि आप इस समय के लिए निकाल लीजिये।

🌹 क्रमशः जारी
🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य
http://hindi.awgp.org/gayatri/AWGP_Offers/Literature_Life_Transforming/lectures_gurudev/31.4

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