बुधवार, 12 जुलाई 2017

👉 हारिय न हिम्मत दिनांक :: १२

🌹  दूसरों पर निर्भर न रहो

🔵 जिस दिन तुम्हें अपने हाथ- पैर और दिल पर भरोसा हो जावेगा, उसी दिन तुम्हारी अंतरात्मा कहेगी कि बाधाओं को कुचल कर तू अकेला चल अकेला।

🔴 जिन व्यक्तियों पर तुमने आशा के विशाल महल बना रखे हैं वे कल्पना के व्योम में विहार करने के समान हैं। अस्थिर सारहीन खोखले हैं। अपनी आशा को दूसरों में संश्लिष्ट कर देना स्वयं अपनी मौलिकता का हृास कर अपने साहस को पंगु कर देना है। जो व्यक्ति दूसरों की सहायता पर जीवन यात्रा करता है वह शीघ्र अकेला रह जाता है।

🔵 दूसरो को अपने जीवन का संचालक बना देना ऐसा ही है जैसा अपनी नौका को ऐसे प्रवाह में डाल देना जिसके अंत का आपको कोई ज्ञान नहीं।

🌹 ~पं श्रीराम शर्मा आचार्य



👉 Lose Not Your Heart Day 12

🌹  Do not Depend on Others

🔵 The day you develop faith in the strength of your own hands, feet, and heart, your soul will tell you to go forth alone.

🔴 Keeping high expectations of others is like building castles in the air: unreal and worthless. Pinning your hopes on others cripples your own originality and courage. The person who centers his life around another person becomes alone very quickly.

🔵 Putting your life in another person's hands is like setting sail without knowing where you are going.

🌹 ~Pt. Shriram Sharma Acharya

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