शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2017

👉 हमारी युग निर्माण योजना (भाग 93)

🌹 आदर्श विवाहों के लिए 24 सूत्री योजना

🔴  (4) आदर्श विवाहों का अभिनन्दन— सामाजिक कुरीतियों को कुचलते हुए, प्रतिक्रियावादियों का उपहास व्यंग एवं विरोध सहते हुए जिन लोगों ने इस प्रकार का साहस प्रदर्शित किया है, लोगों की परवा न करते हुए विवेक को महत्व दिया है, निस्सन्देह वे साहसी, शूर, आदर्शवादी और नेतृत्व कर सकने की क्षमता सम्पन्न व्यक्ति हैं। उनकी प्रशंसा और प्रतिष्ठा होनी चाहिए। जहां वीर पूजा नहीं होती वह भूमि वीरविहीन हो जाती है। इसलिए प्रयत्न यह किया जाना चाहिए कि इन आदर्शवादी विवाहों को, उनके संयोजकों को विवेकशील लोगों का समर्थन, सहयोग, सद्भाव एवं आशीर्वाद प्राप्त हो।

🔵 ऐसे विवाहों के अवसर पर सम्भ्रान्त लोगों के पास स्वयं व्यक्तिगत अनुरोध एवं निवेदन लेकर जाना चाहिए और उन्हें अधिकाधिक संख्या में एकत्रित करना चाहिए। जितने अधिक लोग इस प्रकार के आयोजन को देखेंगे उतनी ही चर्चा फैलेगी और अपने उद्देश्य की पूर्ति सम्भव हो सकेगी। इसलिए काफी दिन पहले से यह निमन्त्रण देने आरम्भ करने चाहिए।

🔴 ऐसे उत्सवों उपस्थित जो सज्जन आशीर्वाद एवं समर्थन देने आयें उनमें से जो भाषण कर सकते हों वे खड़े होकर अपने विचार भी व्यक्त करें। फूल माला लेकर सभी आगन्तुक आवें और उन्हें दोनों ओर के अभिभावकों को पहनावें जिन्होंने यह साहस प्रदर्शित किया। छपे अभिनन्दन पत्र भेट करने की व्यवस्था हो सके तो और भी उत्तम हैं। उस नगर में या आस-पास जो सार्वजनिक संस्थायें हों वे भी अपनी ओर से अभिनन्दन करें। युग-निर्माण शाखाओं को तो विशेष उत्साहपूर्वक ऐसे आयोजनों का अभिनन्दन करना चाहिए। जहां जुलूस सम्भव हों वहां वह भी निकालें जांय और लाउडस्पीकरों से उस विवाह की विशेषता जनता को बताई जाय। आशीर्वाद देने आने वाले व्यक्ति भोजन स्वीकार न करें। इलाइची जैसा छोटा सत्कार ही पर्याप्त माना जाय।

🌹 क्रमशः जारी
🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य

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