मंगलवार, 11 अप्रैल 2017

👉 समय का सदुपयोग करें (भाग 5)

🌹 समय का सदुपयोग करें
🔴 घर गृहस्थी के अनेक झंझटों और बाल-बच्चों की साज-संभाल में दिन भर लगी रहने वाली महिला हेरेट बीधर स्टोव ने गुलाम प्रथा के विरुद्ध आग उगलने वाली वह पुस्तक ‘टाम काका की कुटिया’ लिखकर तैयार कर दी, जिसकी प्रशंसा आज भी बेजोड़ के रूप में की जाती है।

🔵 चाय बनाने के लिये पानी उबालने में जितना समय लगता है उसमें व्यर्थ बैठे रहने के बजाय लांगफैलो ने ‘इनफरलो’ नामक ग्रन्थ का अनुवाद करना शुरू किया और नित्य इतने छोटे समय का उपयोग इस कार्य के लिये नित्य करते रहने से उसने कुछ ही दिन में वह अनुवाद पूरा कर लिया।

🔴 इस प्रकार के अगणित उदाहरण हमें अपने चारों ओर बिखरे हुये मिल सकते हैं। हर उन्नतिशील और बुद्धिमान मनुष्य की मूलभूत विशेषताओं में एक विशेषता अवश्य मिलेगी—समय का सदुपयोग। जिसने इस तथ्य को समझा और कार्य रूप में उतारा उसने ही यहां आकर कुछ प्राप्त किया है। अन्यथा तुच्छ कार्यों में आलस्य और उपेक्षा के साथ दिन काटने वाले लोग किसी प्रकार सांसें तो पूरी कर लेते हैं, पर उस लाभ से वंचित ही रह जाते हैं जो मानव-जीवन जैसी बहुमूल्य वस्तु प्राप्त होने पर उपलब्ध होना चाहिए, या हो सकता था।

🌹 क्रमशः जारी
🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य

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