बुधवार, 22 फ़रवरी 2017

👉 सच्चा जन नेता

🔴 रुस के जन नेता लेनिन पर एक बार उनके शत्रुओं ने घातक आक्रमण किया और वे घायल रोग शय्या पर गिर पड़े। अभी ठीक तरह अच्छे भी नहीं हो पाये थे कि एक महत्वपूर्ण रेलवे लाइन टूट गई। उसकी तुरंत मरम्मत किया जाना आवश्यक था। काम बड़ा था फिर भी जल्दी पूरा हो गया। 
 
🔵 काम पूरा होने पर जब हर्षोत्सव हुआ तो देखा कि लेनिन मामूली कुली-मजदूरों की पंक्ति में बैठे हैं। रुग्णता के कारण दुर्बल रहते हुए भी लट्ठे ढोने का काम बराबर करते रहें और अपने साथियों में उत्साह की भावना पैदा करते रहे।
 
🔴 आश्चर्यचकित लोगों ने पूछा-''आप जैसे जन-नेता को अपने स्वास्थ्य की चिंता करते हुए इतना कठिन काम नहीं करना चाहिए था।'' लेनिन ने हँसते हुए कहा-"जो इतना भी नहीं कर सके उसे जन-नेता कौन कहेगा?''

🌹 प्रज्ञा पुराण भाग 2 पृष्ठ 16

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