शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2017

👉 हमारी युग निर्माण योजना (भाग 100)

🌹 प्रगतिशील जातीय संगठनों की रूपरेखा

🔴 2. उप जातियों के प्रथम संगठन:-- प्रगतिशील भटनागर सभा, प्रगतिशील श्रीवास्तव सभा, प्रगतिशील सक्सेना सभा जैसे छोटे संगठन अलग-अलग से बनेंगे। लेकिन वे अन्ततः ‘प्रगतिशील कायस्थ सभा’ के अन्तर्गत रहेंगे। इसी प्रकार अन्य जातियों के भी उप-जातियों के अलग-अलग संगठन होने चाहिए, ताकि उसी समुदाय के अन्तर्गत विवाह करने वाले या उसे छोड़कर अन्यों में करने वाले लोगों का विवाह सम्बन्ध करने में सुविधा रह सके। उप-जातियों के यह पृथक-पृथक संगठन अन्ततः अपनी मूल जाति के केन्द्रीय संगठन के अन्तर्गत रहेंगे। आरम्भिक गठन उप-जातियों के द्वारा शुरू करना चाहिए और पीछे उन सब प्रतिनिधियों को लेकर एक मूल जाति की प्रगतिशील सभा गठित कर लेनी चाहिए। जैसी—ब्राह्मणों की सनाढ्य गौड़, कान्यकुब्ज, सरयूपारीण, सारस्वत, औदीच्य, श्रीमाली, गौतम आदि उप-जातियों की अलग सभाएं बन गईं तो उनके दो-दो प्रतिनिधि लेकर एक केन्द्रीय प्रगतिशील ब्राह्मण सभा बना दी जायगी।

🔵 3. सदस्यता की शर्त:-- इन संगठनों के सदस्यों की भर्ती सामाजिक सुधारों को, विशेषतया विवाहों में होने वाले अपव्यय को रोकने के प्रति आस्थावान होने की शर्त पर की जानी चाहिए। भले ही 24 सूत्रीय आदर्श विवाहों की रूपरेखा को वे आज पूरी तरह कार्यान्वित करने की स्थिति में न हों, पर विचारों की दृष्टि से तो उसके औचित्य को पूर्णतया मानना ही चाहिए और अवसर आने पर समर्थन भी उन्हीं बातों का करना चाहिए। 24 सूत्रों में से कोई पूरी तरह न निभ सके तो उसे अपनी कमजोरी ही मानना चाहिए और उसके लिए दुःख एवं लज्जा अनुभव करनी चाहिए। उस दुर्बलता का उन्हें समर्थन कदापि न करना चाहिए।

🔴 ऐसे आस्थावान व्यक्तियों की सहमति:--
प्रतिज्ञा का एक फार्म होगा, जिस पर सदस्यगण अपने हस्ताक्षर करेंगे। इन हस्ताक्षर कर्त्ताओं के प्रार्थना-पत्र क्षेत्रीय संगठन द्वारा स्वीकार किये जाने पर उन्हें सदस्य घोषित किया जायगा और उन्हें प्रमाण-पत्र दिया जायगा। अवांछनीय, व्यक्तियों के सदस्यता-पत्र अस्वीकृत कर दिये जायेंगे। पीछे भी कभी कोई सदस्य संगठन को कलंकित करने वाले काम करता पाया गया तो उसकी सदस्यता क्षेत्रीय संगठन की सिफारिश पर केन्द्रीय संगठन रद्द कर देगा। सदस्यता की कोई फीस नहीं होगी। वयस्क नर-नारी सभा का सदस्य बन सकता है।

🌹 क्रमशः जारी
🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य

👉 जो सर्वश्रेष्ठ हो वही अपने ईश्वर को समर्पित हो

🔶 एक नगर मे एक महात्मा जी रहते थे और नदी के बीच मे भगवान का मन्दिर था और वहाँ रोज कई व्यक्ति दर्शन को आते थे और ईश्वर को चढाने को कुछ न...