गुरुवार, 26 जनवरी 2017

👉 आप अपने आपको पहचान लीजिये (भाग 8)


 👉 युग ऋषि की अमृतवाणी

🔴 अगर आप इस खुमारी में जिस स्थिति में अभी है आप उसी स्थिति में बने रहेंगे हमेशा तो आप विश्वास रखिये आप एक ऐसा मौका गवा देंगे जैसा कि मौका फिर कभी नहीं आने वाला। फिर कभी नहीं आयेगा यह मौका। यह मौका आप मानकर चलिये एक अभूतपूर्व मौका है ऐसा मौका है जिसमें ५०० करोड़ आदमी का भाग्य बिगड़ सकता है या बन सकता है दो का दोराहा है। यदि हम सब मिलकर काम करे तो हम ५०० करोड़ आदमी का भाग्य बना भी सकते हैं। और हम लोग सब मिलकर लापरवाही करें और अपने अपने स्वार्थों में लगे रहें और अपने- अपने मतलब की बात सोचे तो ५०० करोड़ आदमी के साथ विश्वासघात भी कर सकते हैं। बड़ा एक इस तरह का मौका है जिसमें चौराहे पर खड़े है एक जीवन का चौराहा है एक मरण का चौराहा है। मरण का चौराहा कौन सा है आपको कितनी बार बता चुके हैं कितनी भविष्यवाणियाँ बता चुके हैं हमने आपको इस्लाम धर्म की भविष्यवाणियाँ बताई, चौदहवीं सदी वाली बात बताई, सेवन टाइम की ईसाइयों वाली बात बताई।

🔵   भविष्य पुराण की बात बताई और वैज्ञानिकों की बात बताई ज्योतिषों की बात बताई सबकी बात बता चुके हैं। कि यह बड़ा खराब समय है और वैसे भी दिखाई पड़ता है आपको ।। आपको दिखाई नहीं पड़ता जो अगर स्टार वार शुरू हो गया तो तो फिर आप समझिये मंगल और बृहस्पति के बीच में पृथ्वी से बड़ा एक गृह था वहाँ भी बड़ी विज्ञान की उन्नति हो गई थी और वहाँ विज्ञान की उन्नति को गलत इस्तेमाल किया और वह चूरा चूरा हो गये चूरा चूरा होकर वह गृह कही एक टुकड़ा कहीं जा पड़ा, एक टुकड़ा कहीं जा पड़ा एक कही चला गया एक कही चला उसका नामोनिशान खतम हो गया यह भी ऐसा मौका है कि यदि स्टार वार शुरू हो और परमाणु युद्ध शुरू हो तो हमारी और आपकी जिंदगी की बात तो अलग, हमारे आपके जमीन जायदाद खेत, मकान, दुकान, नौकरी की बात तो अलग हम जिस जमीन पर बैठे हुये हैं इसका नाम निशान का भी पता नहीं चलेगा यह ऐसा समय है।

🔴  क्यों साहब ऐसा समय नहीं ऐसा भी नहीं ऐसा भी समय है कि अगर लंका के रावण का राज्य बना रहे तो न कोई ऋषि बचेगा, न कोई मुनि बचेगा, न कोई जनता बचेगी सबको राक्षसों का वंश जो एक लख पूत सवा लख नाती यह सब मिलकर के सबको खा जायेंगे और सबका खेत छीन लेंगे सबका पैसा छीन लेंगे सबकी औरतें छीन लेंगे और हा−हाकार मचा देंगे। ऐसा भी समय है कि अगर आप थोड़ी सी हिम्मत दिखायें कम से कम इतनी दिखा दें जितनी की रीछ बंदरों ने दिखा दी थी। रीछ बंदर आपसे बेअकल थे कि आपसे बुद्धिमान थे। रीछ बंदरों ने देखा कि फिर ऐसा मौका फिर कभी नहीं आयेगा इसलिये इस मौके पर हमको अपने छोटे लाभों के बारे में विचार नहीं करना चाहिये बल्कि बड़े लाभों के बारे मे विचार करना चाहिये।

🌹 क्रमशः जारी
🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य
http://hindi.awgp.org/gayatri/AWGP_Offers/Literature_Life_Transforming/lectures_gurudev/31.2

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