सोमवार, 3 अप्रैल 2017

👉 नवरात्रि साधना का तत्वदर्शन (भाग 5)

🔴 सृष्टि जितनी पुरानी है, उससे भी कहीं अधिक आयु की यह गायत्री माता है। फिर 16 साल की यह सुन्दर नयन-नक्शों वाली युवती क्यों बनायी ! अरे! हमने आपको विचार करना सिखाया कि युवा नारी के बारे में आपको पवित्र दृष्टि रखते हुए यौन शुचिता का अभ्यास करना चाहिए । आप बेहूदे हैं। नारी को बाहर के तरीके से देखते हैं । नारी में आपको माता, बहन, बेटी नहीं दिखाई पड़ती । आपको तो सब वेश्या ही वेश्या दिखाई पड़ती हैं। हम आपकी दृष्टि बदलना चाहते हैं। कामुकता प्रधान चिंतन से आपको निकालकर एक नई दृष्टि देना चाहते हैं । यही मानसिक ब्रह्मचर्य है। आपको इसका, मर्यादा का पालन करना चाहिए, यह हमने आपको सिखाया।

🔵 आप कहेंगे गुरुजी हम तो ब्रह्मचारी हैं। एक बार जेल चले गये थे, मारपीट हो गयी थी तो हम ढाई वर्ष पत्नी से दूर जेल में रहे। हाँ साहब आप तो पक्के ब्रह्मचारी हो गए। अखण्ड ब्रह्मचर्य से भारी तेजस्वी आँखों में आशीर्वाद-वरदान की क्षमता आप में आ गयी। पागल हैं न आप। ढेरों आदमी बीमार होते हैं, नपुँसक हो जाते हैं, सब ब्रह्मचारी होते हैं काहे का ब्रह्मचारी। मित्रों ! ब्रह्मचर्य चिन्तन शैली है। आपके विचारों का प्रतीक है, जो आपके जीवन में एक अंग बन गए हैं।

🔴 जो संस्कार आपके जन्म-जन्मान्तरों से चले आ रहे हैं, उनका एक रूप आपकी कुदृष्टि व विचारों की झलकी के रूप में देखने को मिलता है । किसी जमाने में आप 84 लाख योनियों में एक कुत्ते भी थे क्या? हाँ गुरुजी जरूर रहे होंगे। बढ़ते- बढ़ते तभी तो आदमी बने हैं। जब कुत्ते रहे होंगे तब आपके सामने माँ-बहन का कोई रिश्ता था? नहीं साहब हमारी माँ एक बार हमारे सामने आ गई। कुआर का महीना था। माँ और औरत में हम फर्क नहीं कर सके व उससे हमने बच्चा पैदा कर दिया। उस योनि में हमें न बेटी का ख्याल था, न बहिन का, न माँ का।

🔵 बिरादरी तो बिरादरी है उसमें भला क्या फर्क करना । आप अभी करते हैं क्योंकि आप आदमी हैं। समाज की मर्यादाओं का एक नकाब आपके ऊपर पड़ा हुआ है । यदि यह नकाब ऊपर उठा दिया जाय, आपको नंगा करके देखा जाय तो वस्तुतः आप अभी भी उस बिरादरी में हैं, जिसका मैं जिक्र कर रहा था। बार बार नाम लूँगा तो आपको बुरा लगेगा । लेकिन है कि नहीं, छाती पर हाथ रख कर देखिये।

🌹 क्रमशः जारी
🌹 ~पं श्रीराम शर्मा आचार्य
http://literature.awgp.org/akhandjyoti/1992/April/v1.57

👉 हीरों से भरा खेत

🔶 हफीज अफ्रीका का एक किसान था। वह अपनी जिंदगी से खुश और संतुष्ट था। हफीज खुश इसलिए था कि वह संतुष्ट था। वह संतुष्ट इसलिए था क्योंकि वह ...