मंगलवार, 2 मई 2017

👉 समय का सदुपयोग करें (भाग 18)

🌹 समय जरा भी नष्ट मत होने दीजिये

🔴 समय की बर्बादी आज-कल मनोरंजन के नाम पर भी बहुत होती है। रेडियो, सिनेमा, खेल-तमाशे, ताश, शतरंज आदि में हम नित्य ही अपना बहुत-सा समय बर्बाद करते रहते हैं। महात्मा गांधी ने एक बार अपने पुत्र मणिलाल को पत्र में लिखा था। ‘‘खेल-कूद मनोरंजन का समय बारह वर्ष की उम्र तक है।’’ आज हम इसमें अपना कितना वक्त खर्च करते हैं यह स्वयं ही अनुमान लगा सकते हैं। मनोरंजन खेल आदि को जीवन में रखा ही जाय तो उसके लिए भी एक नियत समय रखना चाहिये।

🔵 अपने आस-पास का वातावरण, ऐसा रखना चाहिए कि अपना समय किसी कारण बर्बाद न हो। वक्त बर्बाद करने वाले दोस्तों से दूर की ‘नमस्ते’ रखनी चाहिए। निठल्ले लोग ही अक्सर दूसरे का वक्त बर्बाद करने जा पहुंचते हैं। इन्हें दोस्त नहीं दुश्मन मानना ही उचित है।

स्मरण रखिये समय बहुत मूल्यवान् वस्तु है। इससे आप जितना लाभ उठा सकते हैं उठायें। आप वक्त को नष्ट करेंगे तो वक्त भी आपको नष्ट कर देगा। वक्त के सदुपयोग पर ही आप कुछ बन सकते हैं।

🌹 क्रमशः जारी
🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य
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