सोमवार, 2 जनवरी 2017

👉 पराक्रम और पुरुषार्थ (भाग 5) 2 Jan

🌹 प्रतिकूलताएं वस्तुतः विकास में सहायक

🔵 प्रख्यात विचारक ‘टाल्पेज’ कहा करता था ‘युवको! क्या तुम्हें कठिनाइयों को संघर्षों को देखकर डर लगता है? क्या गरीबी तुम्हारे विकास मार्ग में बाधक है? तुम्हारा यह सोचना गलत है। सफलताओं के शिखर पर जा चढ़ने वाले विद्वानों समृद्धों महापुरुषों के जीवन का अध्ययन करो। तुम पाओगे कि उनमें से अधिकांश तुमसे भी गई गुजरी स्थिति में थे किन्तु उन्होंने आत्म विश्वास नहीं खोया। अपने श्रम पुरुषार्थ एवं समय के सदुपयोग द्वारा वे असामान्य स्थिति में जा पहुंचे।

🔴 देखो सुनहरा दिन तुम्हारे अभिनन्दन के लिए सफलताओं का हार लिए खड़ा है। जड़ता छोड़ो चैतन्यता अपनाओ। तुम्हारा निराशावादी चिन्तन ही विकास के अवरोध उत्पन्न कर रहा और आगे बढ़ने से रोक रहा है। तुम गरीब नहीं समृद्ध हो। परमात्मा ने तुम्हें अद्भुत शरीर, विलक्षण मस्तिष्क एवं समय की अपार पूंजी दी है उसकी तुलना किसी भौतिक वस्तु से नहीं की जा सकती है। इसका सदुपयोग करो सफलताएं तुम्हारे चरणों में झुकेंगी।

🔵 लन्दन की एक गन्दी बस्ती में एक बालक रहता था। उसका अपना कोई नहीं था। अखबार बेचकर अपना गुजारा करता था। सात वर्ष की अल्पायु से ही एक जिल्द साज की दुकान में काम करने लगा। एक दिन एनसाइक्लोपीडिया ग्रन्थ की जिल्द बांधते समय उसकी निगाह विद्युत सम्बन्धी एक लेख पर पड़ी। मालिक से पुस्तक को पढ़ने की अनुमति मांगी। सम्बन्धित लेख को उसने एक ही रात में आद्योपान्त पढ़ डाला। जिज्ञासा बढ़ी। प्रयोग एवं परीक्षण के लिए उसने विद्युत की छोटी-मोटी आवश्यक वस्तुएं एकत्रित करनी आरम्भ कर दीं।

🔴 बालक की अभिरुचि का देखकर एक ग्राहक बहुत प्रभावित हुआ। उसने बताया कि भौतिक शास्त्र के प्रसिद्ध विद्वान हम्फ्री डेवी का भाषण उसी दिन होने वाला है। दुकान के मालिक से छुट्टी मांगकर वह भाषण सुनने चल पड़ा। बालक ने ध्यान पूर्वक सारी बातें सुनी और आवश्यक नोट्स भी लिए उसने हम्फ्री डेवी के भाषण की समीक्षा करते हुए अपने परामर्श लिख भेजे। हम्फ्री डेवी अत्यधिक प्रभावित हुए। उन्होंने यन्त्रों को व्यवस्थित रूप से रखने के लिए बच्चे को नौकर के रूप में रख लिया। बालक नौकरी और सहयोगी वैज्ञानिक दोनों की ही भूमिका निभाता रहा। दिन भर कामों में व्यस्त रहता और रात को अध्ययन करता। यही बालक अपने मनोयोग अध्यवसाय एवं पुरुषार्थ के बलबूते प्रसिद्ध वैज्ञानिक बना। भौतिक विज्ञान के जगत में माइकेल फैराडे और उसके प्रसिद्ध आविष्कारों के विषय में आज सभी जानते हैं।

🌹 क्रमशः जारी
🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य
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