रविवार, 27 नवंबर 2016

👉 मन पर लगाम लगे तो कैसे? (अन्तिम भाग )

🔵  मन का केन्द्र बदला जा सकता है। पशु प्रवृत्तियों की पगडण्डियाँ उसकी देखी-भाली हैं। पर मानवी गरिमा का स्वरूप समझने और उसके शानदार प्रतिफल का अनुमान लगाने का अवसर तो उसे इसी बार इसी शरीर में मिला है। इसलिए अजनबी मन की अड़चन होते हुए भी तर्क, तथ्य, प्रमाण उदाहरणों के सहारे उसे यह समझाया जताया जा सकता है कि पशु प्रवृत्तियों की तुलना में मानवी गरिमा की कितनी अधिक श्रेष्ठता है। दूरदर्शी विवेक के आधार पर यह निर्णय, निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि आदर्शवादिता और कर्तव्य परायणता अपनाने पर उसके कितने उच्चस्तरीय परिणाम प्रस्तुत हो सकते हैं।

🔴  पुराने ढंग की ईश्वर भक्ति में मन लगाने और साधनाओं में रुचि लेने के लिए परामर्श दिया जाता है किन्तु पुरातन तत्त्वज्ञान को हृदयंगम कराये बिना उस दिशा में न तो विश्वास जमता है और न मन टिकता है। बदली हुई परिस्थितियों में हम कर्मयोग को ईश्वर प्राप्ति का आधार मान सकते हैं। कर्तव्य को, संयम को, पुण्य परमार्थ को ईश्वर का निराकार रूप मान सकते हैं। कामों के साथ आदर्शवादिता का समावेश रखा जा सके तो वह सम्मिश्रण इतना मधुर एवं सरस बन जाता है कि उस पर मन टिक सके। बया अपने घोंसले को प्रतिष्ठा का प्रश्न मानकर तन्मयतापूर्वक बनाती है। हम भी अपने क्रिया–कलापों में मानवी गरिमा एवं सेवा भावना का समावेश रखें तो उस केन्द्र पर भी मन की तादात्म्यता स्थिर हो सकती है। मन को निश्चित ही निग्रहित किया जा सकता है।

🌹 समाप्त
🌹 *पं श्रीराम शर्मा आचार्य*
🌹 अखण्ड ज्योति 1990 नवम्बर
 
 
स्वाध्याय संदोह - अंतर्जगत की यात्रा 25 नवम्बर 2016
विषय - अंतर्जगत का शिखर - कैवल्य
विशेष उदबोधन- श्रद्धेय डॉ प्रणव पंड्या जी
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https://youtu.be/SFf3-BjpOL0


स्वाध्याय संदोह - अंतर्जगत की यात्रा | 25 नवम्बर 2016
विषय - धारणा, ध्यान, समाधी का संगम - संयम
विशेष उदबोधन- आदरणीय डॉ चिन्मय पंड्या
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https://youtu.be/KRW-iokdyE0

स्वाध्याय संदोह - अंतर्जगत की यात्रा 24 नवम्बर 2016
विषय - ध्यान एक अध्यात्मिक शल्य क्रिया
विशेष उदबोधन- श्रद्धेय डॉ प्रणव पंड्या जी
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https://youtu.be/rpP5bGV4uoo

स्वाध्याय संदोह - अंतर्जगत की यात्रा 23 नवम्बर 2016
विषय - अंतर्जगत का द्वार प्रत्याहार
विशेष उदबोधन- श्रद्धेय डॉ प्रणव पंड्या जी
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https://youtu.be/lBI7wHzGjU4

स्वाध्याय संदोह - अंतर्जगत की यात्रा । 22  नवम्बर 2016
विषय - अंतर्जगत का द्वार प्रत्याहार
विशेष उदबोधन- श्रद्धेय डॉ प्रणव पंड्या जी
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https://www.youtube.com/watch?v=QfiHvjhHA9U&feature=youtu.be

👉 होशियारी और समझदारी

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