रविवार, 13 नवंबर 2016

👉 सफल जीवन के कुछ स्वर्णिम सूत्र (भाग 3) 13 Nov

🌹 समय का सदुपयोग करना सीखें

🔵 फ्रेंकलिन ने कहा है—‘समय को बर्बाद मत करो क्योंकि समय से ही जीवन बना है।’ इसकी महत्ता का प्रतिपादन करते हुए मनीषी जैक्सन ने कहा है— ‘सांसारिक खजानों में सबसे मूल्यवान खजाना समय का है।’ उसका सदुपयोग करके दुर्बल सबल बन सकता है, निर्धन धनवान और मूर्ख विद्वान बन सकता है। वह ईश्वर प्रदत्त एक ऐसी सुनिश्चित एवं अमूल्य निधि है जिसमें एक क्षण भी वृद्धि कर सकना किसी के लिए भी असम्भव है। वह किसी का दास नहीं वरन् अपनी गति से आगे बढ़ता रहता है और कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखता।

🔴 समय का मूल्यांकन करते हुए आक्सफोर्ड की प्रसिद्ध घड़ी ‘आल्सीसोल्ज’ के डायल पर महत्वपूर्ण पंक्तियां अंकित हैं। उस पर लिखा हुआ है— ‘हमें जो घण्टे सौंपे गये हैं, वे नष्ट हो जाते हैं। काल अनन्त है। मनुष्य के हिस्से में काल का केवल एक छोटा सा अंश ही आया है। जीवन की भांति ही बीते हुए समय को भी वापिस कभी नहीं बुलाया जा सकता।’ निःसंदेह वक्त और सागर की लहरें किसी की प्रतीक्षा नहीं करतीं। हमारा कर्तव्य है कि हम समय का पूरा-पूरा सदुपयोग करें।

🔵 वस्तुतः हर कार्य को निर्धारित वक्त पर करना ही समय का सदुपयोग है। जीवन में प्रगति करने का यही राजमार्ग है, पर हममें से कितने ही यह जानते हुए भी समय को बर्बाद करते रहते हैं और किसी काम को आगे के लिए टाल देते हैं। ‘आज नहीं कल करेंगे।’ इस कल के बहाने हमारा बहुत-सा वक्त नष्ट हो जाता है। बड़ी योजनायें कार्य रूप में परिणित होने की प्रतीक्षा में धरी रह जाती हैं।

🌹 क्रमशः जारी
🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य

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