शनिवार, 5 अक्तूबर 2019

👉 आध्यात्मिक तेज का प्रज्वलित पुंज होता है चिकित्सक (भाग ७४)

👉 जीवनशैली आध्यात्मिक हो

व्यवहार चिकित्सा के आध्यात्मिक आयाम भी हैं, जो इसे सही अर्थों में सम्पूर्णता देते हैं। और यह आध्यात्मिक व्यवहार चिकित्सा का नया रूप लेती है। इस प्रक्रिया में आध्यात्मिक जीवनशैली की तकनीकों को अपना कर गहरे मन की गाँठें खोली जाती है। इन गाँठों के खुलते ही व्यक्ति की जीवन दृष्टि बदलती है और उसका व्यवहार सँवर जाता है। सैद्धान्तिक एवं प्रायोगिक रूप से यह व्यवहार तकनीकों के कारण कहीं अधिक प्रभावशाली है। इसमें भी मनोचिकित्सा की ही भाँति रोगी के असामान्य व्यवहार और उसके कारणों की गहरी पड़ताल करते हैं। यह पड़ताल सामान्य विश्लेषण द्वारा भी हो सकती है और आध्यात्मिक चिकित्सक की अन्तर्दृष्टि द्वारा भी।

बिगड़े हुए व्यवहार को सभी देखते हैं, पर यह आखिर बिगड़ा क्यों? इसका पता लगाने की जरूरत शायद कोई नहीं करता। जो उद्दण्ड है, उच्छृंखल है, किन्हीं बुरी आदतों का शिकार है और बुरे कामों में लिप्त है, उसे बस बुरा आदमी कहकर छुट्टी पा ली जाती है। यह बुराई उसमें आयी क्यों? इस सवाल का जवाब कोई नहीं तलाशता। बुरी संगत या बुरे कर्मों के अलावा व्यावहारिक गड़बड़ियों के और आयाम भी हैं। उदाहरण के लिए बेवजह भयातुर हो उठना, एकाएक अवसाद से घिर जाना अथवा फिर अचानक दर्द का दौरा पड़ जाना। रोगी जब इन समस्याओं के कारण बताता है, तो या तो उसे डरपोक समझा जाता है, अथवा फिर उसे सिरफिरा कहकर उसकी हँसी उड़ायी जाती है।

ये कारण होते भी अजीब हैं- जैसे कोई प्रौढ़ व्यक्ति कुत्ते की शकल देखकर घबरा जाता है। पूछने पर यही कहता है कि मुझे तो कुत्ते की फोटो भी डरावनी लगती है। सुनने वालो को लगता है कि बच्चे का डर तो समझ में आता है लेकिन यह प्रौढ़ व्यक्ति भला क्यों डरता है? इसी तरह किसी को अँधेरे से डर लगता है तो फिर कोई ऊँची इमारत देखते ही बेहोश हो जाता है। कई तो ऐसे होते हैं जिन्हें भीड़ देखते ही दर्द का दौरा पड़ जाता है। कई बेचारे तम्बाकू- सिगरेट, पान- गुटखा आदि बुरी आदतों के शिकार हैं। ऐसे लोग दुनियाँ में या तो हँसी के पात्र बनते हैं अथवा उनके पल्ले जमाने भर की घृणा, उपेक्षा, तिरस्कार, अवहेलना पड़ती है। कोई भी उनके दर्द को सुनने, बाँटने की कोशिश नहीं करता। जबकि यथार्थ यह है कि ऐसे लोग अपने सीने में अनगिनत गमों को छुपाये रहते हैं। उनके मन की परतों में भारी पीड़ा देने वाले गहरे घाव होते हैं।

.... क्रमशः जारी
✍🏻 डॉ. प्रणव पण्ड्या
📖 आध्यात्मिक चिकित्सा एक समग्र उपचार पद्धति पृष्ठ १०३

कोई टिप्पणी नहीं: