शुक्रवार, 7 जुलाई 2017

👉 हारिय न हिम्मत दिनांक :: ७

🌹 मार्गदर्शन के लिए अपनी ही ओर देखो

🔵 साक्षात्कार संपन्न पुरूष न तो दूसरों को दोष लगाता है और न अपने को अधिक शक्तिमान वस्तुओं से आच्छादित होने के कारण वह स्थितियों की अवहेलना करता है।

🔴 अहंकार से उतना ही सावधान रहो जितना एक पागल कुत्ते से। जैसे तुम विष या विषधर सर्प को नहीं छूते ,, उसी प्रकार सिद्धियों से अलग रहो और उन लोगों से भी जो इनका प्रतिवाद करते हैं। अपने मन और हृदय की संपूर्ण क्रियाओं को ईश्वर की ओर संचारित करो।

🔵 दूसरों का विश्वास तुम्हें अधिकाधिक असहाय और दु:खी बनाएगा। मार्गदर्शन के लिए अपनी ही ओर देखो, दूसरों की ओर नहीं ।। तुम्हारी सत्यता तुम्हें दृढ़ बनाएगी। तुम्हारी दृढ़ता तुम्हें लक्ष्य तक ले जाएगी।

🌹 ~पं श्रीराम शर्मा आचार्य


👉 Lose Not Your Heart Day 7
🌹 Look to Yourself for Guidance

🔵 One who knows himself to be part of God neither blames failure on others nor attributes success to himself. He does not become blinded by his own power and fail to see the real situation. Be as cautious of your own ego as you would of a rabid dog. Avoid attachment to your achievements as you would avoid a poisonous snake, and avoid people who will mock you for this. Direct every effort of your mind and heart towards God.

🔴 Depending on others for your happiness ultimately leads to helplessness and misery. Look within yourself for direction and not to others. Your true nature will help you become determined, and this determination will help you each your goal.

🌹 ~Pt. Shriram Sharma Acharya

👉 ईश्वर क्या है?

🔶 टेहरी राजवंश के 15-16 वर्षीय राजकुमार के हृदय में एक  प्रश्न उठा  ईश्वर क्या है? 🔷 वह स्वामी रामतीर्थ के चरणों में पहुँचा और प्रणाम ...