शुक्रवार, 5 मई 2017

👉 सत्य की अकूत शक्ति पर विश्वास कीजिए

🔴 जो अपनी आत्मा के आगे सच्चा हैं, जो अपनी अंतरात्मा की आवाज के अनुसार आचरण करता है, जो बनावट, धोखेबाजी, चालाकी को तिलांजलि देकर ईमानदारी को अपनी जीवन नीति बनाए हुए है, वह इस दुनिया का सबसे बुद्धिमान व्यक्ति है। सत्य को अपनाने से मनुष्य शक्ति का पुंज बन जाता है। महात्मा कनफ्यूशियस कहा करते थे कि सत्य में हजार हाथियों के बराबर बल हैं, परंतु वस्तुत: सत्य में अपार बल है। उसकी समता भौतिक सृष्टि से किसी भी बल से नहीं हो सकती।

🔵 स्मरण रखिए, झूठ आखिर झूठ ही है। वह आज नहीं तो कल जरूर खुल जाएगा। असत्य का जब भंडाफोड़ होता है, तो उससे मनुष्य की सारी प्रतिष्ठा नष्ट हो जाती है। उसे अविश्वासी टुच्चा और ओछा आदमी समझा जाने लगता है। झूठ बोलने में तात्कालिक थोड़ा लाभ दिखाई पड़े तो भी आप उसकी ओर ललचाइए मत, क्योंकि उस थोड़े लाभ के बदले में अंतत: अनेक गुनी हानि होने की संभावना है।

🔴 आप अपने वचन और कार्यों द्वारा सच्चाई का परिचय दीजिए। सत्य उस चीज के समान है जो आज छोटा दीखता है, पर अंत में फल-फूल कर विशाल वृक्ष बन जाता है। जो ऊँचा, प्रतिष्ठायुक्त और सुख-शांति का जीवन बिताने के इच्छुक हों, उनका दृढ़ निश्चय होना चाहिए कि हमारे वचन और कार्य सच्चाई से भरे हुए होंगे।

🌹 ~पं श्रीराम शर्मा आचार्य
🌹 ~अखण्ड ज्योति-जुलाई 1947 पृष्ठ 1
http://literature.awgp.org/akhandjyoti/1947/July/v1.1

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