रविवार, 26 मार्च 2017

👉 सत्यता में अकूत बल भरा हुआ है

🔵 आप सदा सत्य बोलिए, अपने विचारों को सत्यता से परिपूर्ण बनाइए, आचरण में सत्यता बरतिए और अपने आप को सत्यता से सराबोर रखिए। ऐसा करने से आप को एक ऐसा प्रचंड-बल प्राप्त होगा, जो संसार के समस्त बलों से अधिक होगा। कनफ्यूशियस कहा करते थे कि सत्य में हजार हाथियों के बराबर बल है, परंतु वस्तुत: सत्य में अपार बल है। उसकी समता भौतिक सृष्टि के किसी बल के साथ नहीं की जा सकती।

🔴 जो अपनी आत्मा के सामने सच्चा है, जो अपनी अंतरात्मा की आवाज के अनुसार आचरण करता है, बनावट, धोखेबाजी, चालाकी को तिलांजलि देकर जिसने ईमानदारी को अपनी नीति बना लिया है, वह इस दुनिया का सबसे बड़ा बुद्धिमान् व्यक्ति है, क्योंकि सदाचरण के कारण मनुष्य शक्ति का पुंज बन जाता है। उसे कोई डरा नहीं सकता। जबकि झूठे और मिथ्याचारी लोगों का कलेजा बात-बात में सशंकित रहता है और पीपल के पत्तों की तरह काँपता रहता है।
धन-बल, जन-बल, तन-बल, मन-बल आदि अनेक प्रकार के बल इस संसार में होते हैं, परंतु सत्य का बल सब से अधिक शक्तिशाली होता है। सच्चा पुरुष इतना शक्तिशाली होता है कि उसके आगे मनुष्यों को ही नहीं, देवताओं को ही नहीं, परमात्मा को भी झुकना पड़ता है।

🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य
🌹 -अखण्ड ज्योति-नवं. 1945 पृष्ठ 1

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