बुधवार, 22 मार्च 2017

👉 स्रष्टा का परम प्रसाद-प्रखर प्रज्ञा (भाग 22)

🌹 जीवन-साधना एवं ईश-उपासना  

🔵 सोने को कसौटी पर कसने के अतिरिक्त आग में भी तपाया जाता है, तब पता चलता है कि उसके खरेपन में कहीं कोई कमी तो नहीं हैं। इसी प्रकार देखा यह भी जाना चाहिये कि सत्प्रवृत्ति-संवर्द्धन जैसे लोकमंगल-कार्यों में किसका कितना बढ़ा-चढ़ा अनुदान रहा। अद्यावधि संसार के इतिहास में महामानवों तथा ईश्वर-भक्तों का इतिहास इन्हीं दो विशेषताओं से जुड़ा हुआ रहा है। इनने इन्हीं दो चरणों को क्रमबद्ध रूप से उठाते हुए उत्कृष्टता के उच्च लक्ष्य तक पहुँच सकना संभव बनाया है। अन्य किसी के लिये भी इसके अतिरिक्त और कोई मार्ग नहीं है। कोई ऐसा शार्टकट कहाँ है, जिसे पकड़कर जीवन के स्तर को घटिया बनाये रखकर भी कोई ठोस सार्थक प्रगति की जा सके।             

🔴 चतुरता के हथकण्डों में से कई ऐसे हैं तो सही, जो बाजीगरों जैसे चमत्कार दिखाकर भोले दर्शकों को अपने कुतूहलों से चमत्कृत कर देते हैं। बेईमानी से भी कभी-कभी कोई कुछ सफलता प्राप्त कर लेता है, पर इस तथ्य को भुला न दिया जाए कि बाजीगर हथेली पर सरसों जमा तो देते हैं, पर उसका तेल निकालते और लाभ मिलते किसी ने नहीं देखा। पानी के बबूले कुछ ही देर उछल-कूद करते और फिर सदा के लिये अपना अस्तित्व गँवा बैठते हैं। 

🔵 धातुओं की खदानें जहाँ कहीं होती हैं, उस क्षेत्र के अपने सजातीय कणों को धीरे-धीरे खींचती और एकत्र करती रहती हैं। उनका क्रमिक विस्तार इसी प्रकार हो जाता है। जहाँ सघन वृक्षावली होती है, वहाँ भी हरीतिमा का चुंबकत्व आकाश से बादलों को खींचकर अपने क्षेत्र में बरसने के लिये विवश किया करता है। खिले हुए फूलों पर तितलियाँ न जाने कहाँ-कहाँ से उड़-उड़कर आ जाती हैं। 

🔴 इसी प्रकार प्रामाणिकता और उदारता की विभूतियाँ जहाँ-कहीं भी सघन हो जाती हैं वे अपने आप में एक चुंबक की भूमिका निभाती हैं और अखिल ब्रह्मांड में अपनी सजातीय चेतना को आकर्षित करके अवधारण कर लेती हैं। ईश्वरीय अंश इसी प्रकार मनुष्यों की अपेक्षा निश्चित रूप से प्राणवानों में अधिक पाया जाता है। सामान्य प्राण को महाप्राण में परिवर्तित करना ही ईश्वर-उपासना का उद्देश्य है। इसी के फलित होने पर मनुष्य को मनीषी, क्षुद्र को महान् और नर को नारायण बनने का अवसर मिलता है।            
     
🌹 क्रमशः जारी
🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य
🌿🌞     🌿🌞     🌿🌞

👉 Awakening the Inner Strength

🔶 Human life is a turning point in the evolution of consciousness. One who loses this opportunity and does not attempt awakening his in...