गुरुवार, 3 नवंबर 2016

👉 हमारी युग निर्माण योजना भाग 7

🌹 युग की वह पुकार जिसे पूरा होना ही है

🔵 युग-निर्माण योजना का आरम्भ किसी संस्था के आधार पर नहीं, वरन् एक वैयक्तिक प्रयत्न के रूप में आरम्भ कर रहे हैं। समयानुसार उसका कोई संगठित रूप बन जाय, यह आगे की बात है, पर आज तो अपनी स्वल्प सामर्थ्य को देखते हुए ही उस कार्य का श्रीगणेश किया जा रहा है। आत्म-निर्माण की दृष्टि से—इन पंक्तियों का लेखक, इस अभियान का प्रस्तुतकर्ता अधिक आत्मिक पवित्रता के लिए जो कुछ सम्भव है, प्रयास करता रहा है। उसके पिछले 64 वर्ष इसी प्रयत्न में बीते हैं। अब जीवन के जो दिन शेष रहे हैं, उन्हें वह और भी अधिक जागरूकता एवं सतर्कता से आत्म-शोधन, आत्म-निर्माण एवं आत्म-विकास के लिए लगाने का प्रयत्न करेगा।

🔴 योजना के कार्यक्रमों में दूसरा चरण परिवार निर्माण का है। यों हमारा पांच व्यक्तियों का छोटा-सा परिवार मथुरा के घीया मण्डी मुहल्ले में किराये के मकान में रहता और गुजर करता है। पर दूसरा अपना एक बड़ा परिवार और भी है। वह है—अखण्ड-ज्योति पत्रिका के सदस्यों का जिसे हम सच्चे अर्थों में ‘अपना परिवार’ मानते हैं। गत 62 वर्षों से जिन लोगों के साथ निरन्तर वैसा ही व्यक्तिगत सम्पर्क रखा है वैसा ही उनके सुख-दुःख में भाग लिया है—जैसा कि कोई अंश-वंश के लोगों के साथ रखता या रख सकता है। 62 वर्ष के लम्बे सम्पर्क से हम अपने इसी विचार-परिवार के अत्यधिक निकट आये हैं और एक तरह से उन्हीं में घुल मिल गये हैं। हमने अपनी आत्मा में जलने वाली आग की गर्मी और रोशनी उन्हें दी है, तदनुसार वे विचार ही नहीं, कार्यों की दृष्टि से भी हमारे निकटतम व्यक्ति बन गये हैं।

🔵 अखण्ड-ज्योति परिवार श्रेय-पथ पर चलने वाले 25 लाख व्यक्तियों को एक आध्यात्मिक श्रृंखला में पिरोये रहने वाला सूत्र है। लेखों के आधार पर नहीं, भावना और आत्मीयता के सुदृढ़ संबंधों की मजबूत रस्सी से बंधा हुआ यह एक ऐसा संगठन है, जिसे कौटुम्बिक परिजनों से किसी भी प्रकार कम महत्व नहीं दिया जा सकता। व्यक्तिगत एकता और आत्मीयता के बन्धन हम लोगों के बीच इतनी मजबूती से बंधे हुए हैं कि इस समूह को हमें अपना व्यक्तिगत परिवार कहने में तनिक भी अत्युक्ति दिखाई नहीं पड़ती।

🌹 क्रमशः जारी
🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य
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👉 उपयोगिता की समझ

🔶 एक बादशाह अपने कुत्ते के साथ नाव में यात्रा कर रहा था। उस नाव में अन्य यात्रियों के साथ एक दार्शनिक भी था। 🔷 कुत्ते ने कभी नौका में ...