�� हम बदलेंगे - युग बदलेगा, हम सुधरेंगे - युग सुधरेगा
इस विषय पर एक प्रश्न : वर्तमान परिस्थितियाँ यदि स्वयं द्वारा निर्मित है तो इससे उबरने का अब क्या तरीका हो सकता है या क्या करे ?
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जैन-धर्म में “तत्वाधिगम् सूत्र” में इस बात को और भी विवरण युक्त करते हुए लिखा है— हिंसानृतास्तेयब्राह्मपरिग्रहेभ्यो विरतिर्व्रतम्। (तत्वा. (...
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वर्तमान परिस्थितियाँ यदि स्वयं द्वारा निर्मित है तो इससे उबरने का अब क्या तरीका हो सकता है या क्या करे ?
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