सोमवार, 3 जुलाई 2017

👉 हारिय न हिम्मत दिनांक :: २

🌹 मानवमात्र को प्रेम करो

🔵 हम जिस भारतीय संस्कृति, भारतीय विचारधारा का प्रचार करना चाहते हैं, उससे आपके समस्त कष्टों का निवारण हो सकता है। राजनीतिक शक्ति द्वारा आपके अधिकारों की रक्षा हो सकती है। पर जिस स्थान से हमारे सुख- दु:ख की उत्पत्ति होती है उसका नियंत्रण राजनीतिक शक्ति नहीं कर सकती। यह कार्य आध्यात्मिक उन्नति से ही संपन्न हो सकता है।

🔴 मनुष्य को मनुष्य बनाने की वास्तविक शक्ति भारतीय संस्कृति में ही है। यह संस्कृति हमें सिखाती है कि मनुष्य- मनुष्य से प्रेम करने को पैदा हुआ है, लडऩे- मरने को नहीं। अगर हमारे सभी कार्यक्रम ठीक ढंग से चलते रहें तो भारतीय संस्कृति का सूर्योदय अवश्य होगा।

🌹 ~पं श्रीराम शर्मा आचार्य

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

👉 हमारी वसीयत और विरासत (भाग 131)

🌹  तपश्चर्या आत्म-शक्ति के उद्भव हेतु अनिवार्य 🔵 भारतीय स्वाधीनता संग्राम के दिनों महर्षि रमण का मौन तप चलता रहा। इसके अतिरिक्त भी हिम...