शुक्रवार, 10 फ़रवरी 2017

👉 आत्मचिंतन के क्षण 11 Feb 2017

🔵  दूसरों की निन्दा सुनना हानिकारक है। क्योंकि वह झूठी हो तो व्यर्थ ही मन में भ्रम और दुर्भाव पैदा होकर अपनी मनः स्थिति की निंदा करते हैं और यदि वह निन्दा सच्ची हो तो न विचारने लायक तुच्छ मनुष्य के संबंध में विचारने से अपनी समय-क्षति होती है।

🔴 युग निर्माण आंदोलन अगले दिनों जिस प्रचंड रूप से मूर्तिमान होगा उसकी रहस्यमय भूमिका कम ही लोगो को विदित होगी, पर यह निश्चित है की वह आंदोलन बहुत ही प्रखर और प्रचंड रूप से उठेगा और पूर्ण सफल होगा । सफलता का श्रेय किन व्यक्तियों को, किन संस्थाओं को मिलेगा इससे कुछ बनता बिगड़ता नहीं । पर होना यह निश्चित रूप से है ।

🔵 सच्ची बात अच्छी नहीं लगती और अच्छी लगने वाली बात सच्ची नहीं होती। अच्छाई कभी झगड़ा नहीं करती और झगड़ा कभी अच्छा नहीं होता । बुद्धिमान कभी ज्यादा बकवाद नहीं करते और ज्यादा बकवाद करने वाले कभी बुद्धिमान नही होते।

🌹 ~पं श्रीराम शर्मा आचार्य

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