रविवार, 27 नवंबर 2016

👉 *आत्मचिंतन के क्षण Aatmchintan Ke Kshan 28 Nov 2016*

🔴  मनुष्य की गरिमा के तीन आधार स्तम्भ हैं-

1) जीवन की पवित्रता,
2) क्रियाकलाप की प्रामाणिकता  और
3) लोकसेवा के प्रति श्रद्धा

जिनके पास यह तीन विभूतियाँ हैं, उनके लिए महामानव बनने का द्वार सदैव खुला पड़ा है।

🔵  आशाजनक विचारों में बड़ी विलक्षण शक्ति भरी हुई है।  हमारी अभिलाषाएँ यदि वे सात्विक और पवित्र हैं तो अवश्य पूर्ण होंगी, हमारे मनोरथ सिद्ध होंगे। हमारे लिए जो कुछ होगा वह अच्छा ही होगा, बुरा कभी न होगा। इस तरह के शुभ, दिव्य और आशामय विचारों का  शारीरिक, मानसिक, सांसारिक एवं आध्यात्मिक उन्नति पर  अनुकूल असर होता है।

🔴  समय को बर्बाद करने वाला और श्रम से जी चुराने वाला अपना शत्रु आप है। उसे बाहरी शत्रुओं की क्या आवश्यकता? अपनी बर्बादी के लिए यह दो दुर्गुण जिसने पाल रखे हैं, उसे शनि और राहु की दशा की प्रतीक्षा न करनी पड़ेगी। उसके ऊपर साढ़ेसाती नहीं, अजर-अमर सत्यानाशी शनि देवता सदा ही चढ़े रहेंगे। राहु का दुर्दिन स्थायी रूप से उसके सिर पर मँडराता रहेगा।

🌹 *~पं श्रीराम शर्मा आचार्य*

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