शुक्रवार, 11 नवंबर 2016

👉 सफल जीवन के कुछ स्वर्णिम सूत्र (भाग 2) 12 Nov

🌹 समय का सदुपयोग करना सीखें

🔵 समय जितना कीमती और फिर न मिलने वाला तत्व है उतना उसका महत्व प्रायः हम लोग नहीं समझते। हममें से बहुत से लोग अपने समय का सदुपयोग बहुत ही कम करते हैं। आज का काम कल पर टालते और उस बचे हुए समय को व्यर्थ की बातों में नष्ट करते रहते हैं। जबकि समय ही ऐसा पदार्थ है जो एक निश्चित मात्रा में मनुष्य को मिलता है, लेकिन उसका उतना ही अपव्यय भी होता है। संसार में ऐसी कोई भी वस्तु नहीं जिसकी प्राप्ति मनुष्य के लिए असंभव हो।

🔴 प्रयत्न और पुरुषार्थ से सभी कुछ पाया जा सकता है, लेकिन समय ही एक ऐसी चीज है जिसे एक बार खोने के बाद कहीं नहीं पाया जा सकता। एक बार हाथ से निकला हुआ वक्त फिर कभी हाथ नहीं आता। कहावत है—‘‘बीता हुआ समय और कहे हुए शब्द वापिस नहीं बुलाये जा सकते।’’ काल को महाकाल कहा गया है। वह परमात्मा से भी महान है। भक्ति साधना द्वारा परमात्मा का साक्षत्कार कई बार किया जा सकता है किन्तु गुजरा हुआ वक्त पुनः नहीं मिलता।

🔵 समय ही जीवन है, क्योंकि उससे ही जीवन बनता है। उसका सदुपयोग करना जीवन का उपयोग करना और दुरुपयोग करना जीवन को नष्ट करना है। वक्त किसी की भी प्रतीक्षा नहीं करता। वह प्रति क्षण, मिनट, घण्टे, दिन, महीने, वर्षों के रूप में निरन्तर अज्ञात दिशा की ओर जाकर विलीन होता रहता है। उसकी अजस्र धारा निरन्तर प्रवाहित होती रहती है और फिर शून्य में विलीन हो जाती है।

🌹 क्रमशः जारी
🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य

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