गुरुवार, 18 अगस्त 2016

👉 स्वाध्याय एक अनिवार्य दैनिक कृत्य


🔴 मानव जीवन में सुख की वृद्धि करने के उपायों में स्वाध्याय एक प्रमुख उपाय है। स्वाध्याय से ज्ञान की वृद्धि होती है। मन में महानता, आचरण में पवित्रता और आत्मा में प्रकाश आता है। स्वाध्याय एक प्रकार की साधना है, जो अपने साधक को सिद्धि के द्वार तक पहुँचाती है। जीवन को सफल, उत्कृष्ट एवं पवित्र बनाने के लिए स्वाध्याय की बड़ी आवश्यकता है। प्रतिदिन नियम पूर्वक सद्ग्रंथों का अध्ययन करते रहने से बुद्धि तीव्र होती है, विवेक बढ़ता है और अंत:करण की शुद्धि होती है, अत: प्रतिदिन चिंतन-मनन के साथ स्वयं पढ़ें एवं दूसरों को पढ़ाने का प्रयास करें।

🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य

👉 Swadhyaya is an Essential Daily Ritual

🔴 Swadhyaya – the study of self in the light of the thoughts of elevated souls – is a principal means of ascent in human life. It augments knowledge, enlightens the mind and helps purifying the character and wakening the inner self. It is a kind of sadhana (devout endeavor) that ensures siddhi (supreme success). Swadhaya is necessary for preeminent progress and happiness in life. Adoption of this as an integral part of daily routine gradually sharpens the intellect, nurtures discerning thoughts and wisdom and illuminates the inner self. Therefore we must cultivate the habit of reading inspiring thoughts and works of great personalities and edifying scriptures and contemplate over what is read and also try disseminating it among others.

🌹 -Pt. Shriram Sharma Acharya

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