शनिवार, 22 अप्रैल 2017

👉 जीवन को तपस्यामय बनाइए

🔴 प्रकृति का नियम है कि संघर्ष से तेजी आती है। रगड़ और घर्षण यद्यपि देखने में कठोर कर्म प्रतीत होते हैं, पर उन्हीं के द्वारा सौंदर्य का प्रकाश होता है। सोना तपाए जाने पर निखरता है। धातु का एक रद्दी-सा टुकड़ा जब अनेक विध कष्टदायक परिस्थितियों के बीच में होकर गुजरता है, तब उसे भगवान की मूर्ति होने का, या ऐसा ही अन्य महत्त्वपूर्ण गौरवमय पद प्राप्त होता है। 

🔵 जीवन वही निखरता है, जो कष्ट और कठिनाइयों से टकराता रहता है। विपत्ति, बाधा और कठिनाइयों से जो लड़ सकता है, प्रतिकूल परिस्थितियों से युद्ध करने का जिसमें साहस है, उसे-ही, सिर्फ उसे-ही जीवन विकास का सच्चा सुख मिलता है। इस पृथ्वी के पर्दे पर एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं हुआ है, जिसने बिना कठिनाई उठाए, बिना जोखिम उठाए, कोई बड़ी सफलता प्राप्त कर ली हो।

🔴 कष्टमय जीवन के लिए अपने आप को खुशी-खुशी पेश करना, यही तप का मूलतत्त्व है। तपस्वी लोग ही अपनी तपस्या से इंद्र का सिंहासन जीतने में और भगवान का आसन हिला देने में समर्थ हुए हैं। मनोवांछित परिस्थितियाँ प्राप्त करने का संसार में एकमात्र साधन तपस्या ही है। स्मरण रखिए, सिर्फ वे ही व्यक्ति इस संसार में महत्व प्राप्त करते हैं, जो कठिनाइयों के बीच हॅसना जानते हैं, जो तपस्या में आनंद मानते हैं।

🌹 ~पं श्रीराम शर्मा आचार्य
🌹 ~अखण्ड ज्योति-अक्टू. 1945 पृष्ठ 1
http://literature.awgp.in/magazine/AkhandjyotiHindi/1945/October.1

👉 उपयोगिता की समझ

🔶 एक बादशाह अपने कुत्ते के साथ नाव में यात्रा कर रहा था। उस नाव में अन्य यात्रियों के साथ एक दार्शनिक भी था। 🔷 कुत्ते ने कभी नौका में ...