शुक्रवार, 1 जुलाई 2016

👉 आत्मचिंतन के क्षण 1 July 2016


🔴 कठिनाइयों को उनसे दूर भाग कर, घबराकर दूर नहीं किया जा सकता। उनका खुलकर सामना करना ही बचने का सरल रास्ता है। प्रसन्नता के साथ कठिनाइयों का वरण करना आंतरिक मानसिक शक्तियों के विकसित होने का राजमार्ग है। संसार के अधिकांश महापुरुषों ने कठिनाइयों का स्वागत करके ही जीवन में महानता प्राप्त की है।

🔵 धैर्य का मंत्र उनके लिए लाभदायक है, जिनके कार्यों में विघ्न-बाधाएँ उपस्थित होती हैं और वे निराश होकर अपने विचार को ही बदल डालते हैं। यह निराशा तो मनुष्य के लिए मृत्यु के समान है। इससे जीवन की धारा का प्रवाह मंद पड़ जाता है और वह किसी काम का नहीं रहता। यदि निराशा को त्यागकर विघ्नों का धैर्यपूर्वक सामना किया जाय, तो असफलता का मुख नहीं देखना पड़े।

🔵 जो लोग प्रत्यक्ष में पुण्यात्मा दिखाई देते हैं, वे भी बड़ी-बड़ी विपत्तियों में फँसते देखे गये हैं। सतयुग में भी विपत्ति के अवसर आते रहते थे। यह कौन जानता है कि किस मनुष्य पर किस समय कौन विपत्ति आ पड़े। इसलिए दूसरों की विपत्ति में सहायक होना ही कर्त्तव्य है। यदि कोई सहायता करने में किसी कारणवश समर्थ न हो तो भी विपत्तिग्रस्त के प्रति सहानुभूति तो होनी ही चाहिए।

🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी
Karishye Vachanam Tav- Pandit Shriram Sharma Acharya- Lecture 1985
👇👇👇👇👇👇👇
http://video.awgp.org/video.php?id=65


youtube Link
👇👇👇👇👇👇👇
https://youtu.be/Me5iJ8HnjD0?list=PLq_F_-1s7IHAHeQ9VdM9av6qRSdXM5UoL

कैसे मज़बूत बनें (भाग 3)


🌹 7 काम और मनोरंजन, आराम और काम में समन्वय बिठाएँ:

🔵 यह काम तो कर सकते हैं न आप? लोग इसकी ओर ध्यान नहीं देते क्योंकि उनको यह भ्रम रहता है कि यह बहुत मुश्किल काम है। या तो हम इतना काम करते हैं कि उसके बोझ तले ही दब जाते हैं, या फिर आराम से, हिप्पो के अंदाज में, बेकार बैठे रह कर अवसर का इंतजार करते रहते हैं। काम और मनोरंजन, आराम और काम में अच्छा समन्वय बैठाने से आपको इन सबका महत्त्व समझ में आएगा। आपको नदी के दूसरे तरफ की घास ज्यादा हरी है, ऐसा दिखना बंद हो जायेगा।

🌹 8 आपके पास जो है उसके लिए शुक्रगुजार बनें, कृतज्ञ रहें: 
 
🔴 जिंदगी कठिन है, परंतु यदि आप जिंदगी को नजदीक से देखेंगे तो पाएंगे कि आपके पास ऐसी अनगिनत चीजें हैं जिनके लिए आपको शुक्रगुजार होना चाहिए। वह बातें जो बीते समय में आपको खुश रखती थीं, उनको याद करने से आपको वर्तमान समय में भी अच्छी अनुभूति होगी। अपने इर्द-गिर्द की दुनिया से आनंद आप प्राप्त करते हैं, वही आपको वो शक्ति प्रदान करती है जिससे कि मुश्किल हालातों का सामना कर लेते हैं। इसलिए, आपके पास जो है, उसपर ध्यान दीजिये और उसका भरपूर आनंद उठाईये। हो सकता है आपके पास आपकी पसंद का वह नया शर्ट नहीं हो, या ऐसा और भी कुछ हो सकता जिसकी आप इच्छा रखते हैं, परंतु वह आपके पास नहीं है, तो कम से कम यह कंप्यूटर तो है जो इंटरनेट से जुड़ा है और जिसका उपयोग करना आप जानते हैं। कुछ लोगों के पास घर नहीं, कंप्यूटर नहीं, शिक्षा-दीक्षा नहीं। उनके विषय में सोचिये।

🌹 9 बातों को दिल से न लगायें: 
 
🔴 चार्ली चैपलिन को कॉमेडी के बारे बहुत कुछ पता था। उनका यह कथन मशहूर हैं- "नजदीक से देखने पर जिंदगी त्रासदी है, परंतु यदि इसको समझने की कोशिश करें तो यह कॉमेडी है।" अपनी छोटी-छोटी परेशानियों से बुरी तरह प्रभावित हो जाना आसान है। यह परिस्थिति हमारी हर क्रिया-प्रतिक्रिया को सूक्ष्म रूप से प्रभावित करती है। इसलिए जरा सोचिये और जीवन को थोड़ा शांतचित्त होकर, आनंदभाव और थोड़ा ज्यादा प्यार से देखिये। जीवन की अनूठी विविधताओं, अपार संभावनाओं, के साथ-साथ इसकी इसकी विसंगतियां भी आपके चेहरे पर मुस्कान बिखेरने के लिए और आपको यह अहसास कराने के लिए कि आप कितने भाग्यशाली हैं, काफी हैं।

इस बात को स्वीकार करें की जीवन को अगर जरूरत से ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जाए तो इसमें आनंद ज्यादा है। हाँ, सिर्फ हँसते रहना और आनंद उठाते रहने का नाम जीवन नहीं है, पर जीवन में इनका स्थान निश्चित रूप से बहुत महत्वपूर्ण है।

🌹 10 हमेशा याद रखें- 
 
🔴 कुछ भी स्थायी नहीं है: अगर आप किसी ऐसे संकट या दुख से घिरे है जिससे आप उबर नहीं पा रहे हैं, तो बस शांतचित्त हो जाइये और जो हो रहा है, उसको होने दीजिये। अगर आपकी तकलीफ कुछ ज्यादा ही लंबी खिच रही है, तभी भी याद रखिये जैसे सब कुछ गुजर जाता है, वैसे यह भी गुजर जायेगा।


Karishye Vachanam Tav- Pandit Shriram Sharma Acharya- Lecture 1985
👇👇👇👇👇👇👇
http://video.awgp.org/video.php?id=65


youtube Link
👇👇👇👇👇👇👇
https://youtu.be/Me5iJ8HnjD0?list=PLq_F_-1s7IHAHeQ9VdM9av6qRSdXM5UoL

👉 आत्मचिंतन के क्षण 15 Dec 2018

प्रतिभा किसी पर आसमान से नहीं बरसती, वह अंदर से ही जागती है। उसे जगाने के लिए केवल मनुष्य होना पर्याप्त है। वह अन्य कोई प्रतिबन्ध नहीं...