गुरुवार, 30 जून 2016

👉 आत्मचिंतन के क्षण 30 June 2016

🔵 विचारों का परिष्कार एवं प्रसार करके आप मनुष्य से महामनुष्य, दिव्य मनुष्य और यहाँ तक ईश्वरत्त्व तक प्राप्त कर सकते हैं। इस उपलब्धि में आड़े आने के लिए कोई अवरोध संसार में नहीं। यदि कोई अवरोध हो सकता है, तो वह स्वयं ेका आलस्य, प्रमाद, असंमय अथवा आत्म अवज्ञा का भाव। इस अनंत शक्ति का द्वार सबके लिए समान रूप से खुला है और यह परमार्थ का पुण्य पथ सबके लिए प्रशस्त है। अब कोई उस पर चले या न चले यह उसकी अपनी इच्छा पर निर्भर है।

🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी

Mujhe Kutch Hire Chahiyen- Pandit Shriram Sharma Acharya- Lecture 1985
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https://youtu.be/vUwfLvL-n_I?list=PLq_F_-1s7IHAHeQ9VdM9av6qRSdXM5UoL

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