गुरुवार, 30 जून 2016

👉 आत्मचिंतन के क्षण 30 June 2016


🔴 सच्ची प्रगति झूठे आधार अपनाने से उपलब्ध नहीं हो सकती। स्थायी सफलता और स्थिर समृद्धि के लिए उत्कृष्ट मानवीय गुणों का परिचय देना पड़ता है। जो इस कसौटी पर कसे जाने से बचना चाहते हैं, जो जैसे बने तुरन्त-तत्काल बहुत कुछ प्राप्त करना चाहते हैं, उनके सपने न सार्थक होते हैं, न सफल।

🔵 धर्म अफीम की गोली नहीं है। परस्पर विद्वेष और असहिष्णुता उत्पन्न करने वाली कट्टरता को साम्प्रदायिक कहा जा सकता है, पर जिसका एकमात्र उद्देश्य ही प्रेम, दया, करुणा, सेवा, उदारता, संयम एवं सद्भावना को बढ़ाना है, उस धर्म को न तो अनावश्यक कहा जा सकता है और न अनुपयोगी।

🔵 विचारों का परिष्कार एवं प्रसार करके आप मनुष्य से महामनुष्य, दिव्य मनुष्य और यहाँ तक ईश्वरत्त्व तक प्राप्त कर सकते हैं। इस उपलब्धि में आड़े आने के लिए कोई अवरोध संसार में नहीं। यदि कोई अवरोध हो सकता है, तो वह स्वयं ेका आलस्य, प्रमाद, असंमय अथवा आत्म अवज्ञा का भाव। इस अनंत शक्ति का द्वार सबके लिए समान रूप से खुला है और यह परमार्थ का पुण्य पथ सबके लिए प्रशस्त है। अब कोई उस पर चले या न चले यह उसकी अपनी इच्छा पर निर्भर है।

🌹 पं श्रीराम शर्मा आचार्य जी

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कैसे मज़बूत बनें (भाग 2)

🌹 4 अपने ऊपर भरोसा रखिये:

🔵 आपने इतना कुछ किया है जीवन में: आप एक बार फिर ऐसा कर सकते हैं। आज की आज सोचेंगे, कल की कल- इस सोच के साथ आप मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति से पार पा सकते हैं। ऐसी सोच को विकसित करना आसान काम नहीं है; ऐसा कहना बहुत आसान है, करना उतना ही मुश्किल। मगर, जब आप अभ्यास करेंगे तो यह संभव हो जायेगा। जब कभी आपको ऐसा लगे कि बस अब सब कुछ खत्म होने वाला है, तो आँखें बंद करिये और एक गहरी सांस लीजिये। आप अपने प्रयास में अवश्य ही सफल होंगे, बस नीचे लिखी इन बातों का ध्यान रखिये:

🔴 नकारात्मक सोच वालों की बातों को अनसुनी करिये। कुछ लोग आदतन आप पर, आपकी क्षमताओं पर संदेह करते रहेंगे। आपको बस उनकी अनदेखी करनी है, उनको अनसुना करना है और उनको गलत सिद्ध करना है। नाउम्मीद लोग आपको भी नाउम्मीद और निराश न बना दें- इसका ख्याल रखना है। वास्तविकता तो यह है कि दुनिया आपसे कह रही है कि आओ, मुझे बदलो! फिर किस बात का इंतजार कर रहे हैं आप?

🔵 अपनी सफलताओं को याद करिये। यह आपके आत्मविश्वास को जगायेगा, आपके सफ़र में उत्साह लाएगा। चाहे वह आपके पढाई-लिखाई की सफलता हो, चाहे किसी मशहूर व्यक्ति से की गयी आपकी बातचीत या फिर आपके बच्चे के जन्म लेने की खुशी- इन सभी अच्छे पलों को अपने आप को मजबूत बनाने के अपने प्रयासों में मददगार बनाइये। सफल होने के लिए सकारात्मक होना जरूरी है और जैसी हमारी सोच होती है, दरअसल, हमारी जिंदगी वैसी ही होती है।

🔴 किसी भी हाल में प्रयास करना न छोड़ें। ऐसा कई बार होगा कि आपको अपने क्षमताओं पर संदेह होगा, क्योंकि कई बार ऐसा होगा कि आप प्रयास करेंगे परंतु आपको सफलता नहीं मिलेगी। इस बात का ध्यान रखिये की यह इस प्रक्रिया में होने वाली सामान्य सी बात है। सिर्फ इस वजह से कि आपको अपने प्रयासों में एकाध बार असफलता मिली, निराश मत होइए और प्रयास करना मत छोड़िये। दीर्घकालिक नजरिया रखिये और सोच को विशाल बनाये रखिये। फिर से प्रयास करिये। याद रखें, असफलता की सीढियाँ ही इंसान को सफलता के शिखर पर ले जाती हैं।


🌹 5 परेशानियों को पहचानें:


🔴 यह समझने की कोशिश करें कि जो बात आपको परेशान कर रही है, क्या वह सचमुच परेशान होने वाली बात है? किसी साथी ने कोई सवाल किया, या सड़क पर किसी ड्राईवर ने अपनी गाड़ी को गलत तरीके से चला कर आपको परेशानी दी, तो देखें कि क्या यह सचमुच इतना परेशान होने की बात है? यह देखें कि ऐसी बातें आपके लिए क्या मायने रखती हैं। अपना ध्यान सिर्फ उन बातों पर केंद्रित रखें जो आपके जीवन के लिए सही मायने में महत्वपूर्ण हैं और इसके अलावा किसी और बात की व्यर्थ चिंता न करें। जैसा कि सिल्विया रॉबिंसन ने कहा है- "कुछ लोग सोचते हैं कि बात को दिल में बिठाए रखने से इंसान मजबूत बनता है, पर इसके उलट बहुत बार ऐसा, बातों को भुला देने से होता है।"

🌹 6 जो लोग आपके जीवन में अहम् हैं, उनसे संपर्क बनायें:

🔴 परिवार और दोस्तों के साथ-साथ, उन लोगों के साथ भी समय व्यतीत करें जो सकारात्मक और सहयोगी स्वभाव के हैं। अगर इस तरह के लोग आपके इर्द-गिर्द न हों, तो नए दोस्त बनाएं। अगर इस तरह के दोस्त न मिलें, तो उनको मदद करिये जिनको आपसे ज्यादा मदद की जरूरत हो। कभी-कभी, जब हम अपनी स्थिति को सुधार पाने की स्थिति में नहीं होते, तो ऐसे में बहुत बार दूसरों के लिए कुछ करने से इंसान न सिर्फ अच्छा महसूस करता है, बल्कि इससे उसको अपने अंदर की ताकत का भी अहसास होता है। ऐसा करने से इंसान को अपने आप को, अपनी ताकतों को पहचानने में मदद मिलती है।

🔵 मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है- इसमें शक की गुंजाईश नहीं। विभिन्न अध्यन और विज्ञानं, सभी बताते हैं कि इंसान का सामाजिक स्वास्थ्य उसके भावनात्मक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अगर आपको समाज के साथ घुल-मिल कर रहने में दिक्कत होती है, तो यह एक समस्या है। आपको इसका इलाज ढूंढना चाहिए। कैसे, यह हम आपको नीचे बताते हैं:

♦ किसी के साथ बहुत ही अच्छी, सकारात्मक और विचारोत्तेजक बातचीत करें।
🔷 आपसे जो गलतियां हुईं, उनको भूलिए- उनको दिलो-दिमाग में घर मत बनाने दीजिये।
♦ जब कोई रिश्ता टूटे, तो अपने आप को संभालिये और इस ग़म से बाहर आएं।
🔷 शर्मीलापन, हिचक, झिझक से पीछा छुड़ाईए।
♦ बहिर्मुखी व्यक्ति बनिए।

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👉 सोया भाग्य

🔴 एक व्यक्ति जीवन से हर प्रकार से निराश था। लोग उसे मनहूस के नाम से बुलाते थे। एक ज्ञानी पंडित ने उसे बताया कि तेरा भाग्य फलां पर्वत पर सोया हुआ है, तू उसे जाकर जगा ले तो भाग्य तेरे साथ हो जाएगा। बस! फिर क्या था वो चल पड़ा अपना सोया भाग्य जगाने। रास्ते में जंगल पड़ा तो एक शेर उसे खाने को लपका, वो बोला भाई! मुझे मत खाओ, मैं अपना सोया भाग्य जगाने जा रहा हूँ।

🔵 शेर ने कहा कि तुम्हारा भाग्य जाग जाये तो मेरी एक समस्या है, उसका समाधान पूछते लाना। मेरी समस्या ये है कि मैं कितना भी खाऊं … मेरा पेट भरता ही नहीं है, हर समय पेट भूख की ज्वाला से जलता रहता है। मनहूस ने कहा– ठीक है। आगे जाने पर एक किसान के घर उसने रात बिताई। बातों बातों में पता चलने पर कि वो अपना सोया भाग्य जगाने जा रहा है, किसान ने कहा कि मेरा भी एक सवाल है.. अपने भाग्य से पूछकर उसका समाधान लेते आना … मेरे खेत में, मैं कितनी भी मेहनत कर लूँ पैदावार अच्छी होती ही नहीं। मेरी शादी योग्य एक कन्या है, उसका विवाह इन परिस्थितियों में मैं कैसे कर पाऊंगा?

🔴 मनहूस बोला — ठीक है। और आगे जाने पर वो एक राजा के घर मेहमान बना। रात्री भोज के उपरान्त राजा ने ये जानने पर कि वो अपने भाग्य को जगाने जा रहा है, उससे कहा कि मेरी परेशानी का हल भी अपने भाग्य से पूछते आना। मेरी परेशानी ये है कि कितनी भी समझदारी से राज्य चलाऊं… मेरे राज्य में अराजकता का बोलबाला ही बना रहता है।

🔵 मनहूस ने उससे भी कहा — ठीक है। अब वो पर्वत के पास पहुँच चुका था। वहां पर उसने अपने सोये भाग्य को झिंझोड़ कर जगाया— उठो! उठो! मैं तुम्हें जगाने आया हूँ। उसके भाग्य ने एक अंगडाई ली और उसके साथ चल दिया। उसका भाग्य बोला — अब मैं तुम्हारे साथ हरदम रहूँगा।

🔴 अब वो मनहूस न रह गया था बल्कि भाग्यशाली व्यक्ति बन गया था और अपने भाग्य की बदौलत वो सारे सवालों के जवाब जानता था। वापसी यात्रा में वो उसी राजा का मेहमान बना और राजा की परेशानी का हल बताते हुए वो बोला — चूँकि तुम एक स्त्री हो और पुरुष वेश में रहकर राज – काज संभालती हो, इसीलिए राज्य में अराजकता का बोलबाला है। तुम किसी योग्य पुरुष के साथ विवाह कर लो, दोनों मिलकर राज्य भार संभालो तो तुम्हारे राज्य में शांति स्थापित हो जाएगी।

🔵 रानी बोली — तुम्हीं मुझ से ब्याह कर लो और यहीं रह जाओ। भाग्यशाली बन चुका वो मनहूस इन्कार करते हुए बोला — नहीं नहीं! मेरा तो भाग्य जाग चुका है। तुम किसी और से विवाह कर लो। तब रानी ने अपने मंत्री से विवाह किया और सुखपूर्वक राज्य चलाने लगी। कुछ दिन राजकीय मेहमान बनने के बाद उसने वहां से विदा ली।

🔴 चलते चलते वो किसान के घर पहुंचा और उसके सवाल के जवाब में बताया कि तुम्हारे खेत में सात कलश हीरे जवाहरात के गड़े हैं, उस खजाने को निकाल लेने पर तुम्हारी जमीन उपजाऊ हो जाएगी और उस धन से तुम अपनी बेटी का ब्याह भी धूमधाम से कर सकोगे।

🔵 किसान ने अनुग्रहित होते हुए उससे कहा कि मैं तुम्हारा शुक्रगुजार हूँ, तुम ही मेरी बेटी के साथ ब्याह कर लो। पर भाग्यशाली बन चुका वह व्यक्ति बोला कि नहीं! नहीं! मेरा तो भाग्योदय हो चुका है, तुम कहीं और अपनी सुन्दर कन्या का विवाह करो। किसान ने उचित वर देखकर अपनी कन्या का विवाह किया और सुखपूर्वक रहने लगा। कुछ दिन किसान की मेहमाननवाजी भोगने के बाद वो जंगल में पहुंचा और शेर से उसकी समस्या के समाधानस्वरुप कहा कि यदि तुम किसी बड़े मूर्ख को खा लोगे तो तुम्हारी ये क्षुधा शांत हो जाएगी।

🔴 शेर ने उसकी बड़ी आवभगत की और यात्रा का पूरा हाल जाना। सारी बात पता चलने के बाद शेर ने कहा कि भाग्योदय होने के बाद इतने अच्छे और बड़े दो मौके गंवाने वाले ऐ इंसान! तुझसे बड़ा मूर्ख और कौन होगा? तुझे खाकर ही मेरी भूख शांत होगी और इस तरह वो इंसान शेर का शिकार बनकर मृत्यु को प्राप्त हुआ।

🔵 सच है — यदि आपके पास सही मौका परखने का विवेक और अवसर को पकड़ लेने का ज्ञान नहीं है तो भाग्य भी आपके साथ आकर आपका कुछ भला नहीं कर सकता।

प्रभु से प्रार्थना (Kavita)

प्रभु जीवन ज्योति जगादे! घट घट बासी! सभी घटों में, निर्मल गंगाजल हो। हे बलशाही! तन तन में, प्रतिभापित तेरा बल हो।। अहे सच्चिदानन्द! बह...