मंगलवार, 20 सितंबर 2016

👉 प्रेम ही सर्वोपरि है

🔴 ईश्वरीय ज्ञान और नि:स्वार्थ प्रेम के अनुभव से घृणा का भाव नष्ट हो जाता है, तमाम बुराइयाँ रफूचक्कर हो जाती हैं और वह मनुष्य उस दिव्य दृष्टि को प्राप्त कर लेता है, जिसमें प्रेम, न्याय और उपकार ही सर्वोपरि दिखाई पड़ती हैं।

🔵 अपने मस्तिष्क को दृढ़ निश्चय तथा उदार भावों की खान बनाइए, अपने हृदय में पवित्रता और उदारता की योग्यता लाइए, अपनी जीभ को चुप रहने तथा सत्य और पवित्र भाषण के लिए तैयार कीजिए। पवित्रता और शक्ति प्राप्त करने का यही मार्ग है और अंत में अनंत प्रेम भी इसी तरह प्राप्त किया जा सकता है। इस प्रकार जीवन बिताने से आप दूसरों पर विश्वास जमा सकेंगे, उनको अपने अनुकूल बनाने की आवश्यकता न होगी। बिना विवाद के आप उनको सिखा सकेंगे, बिना अभिलाषा तथा चेष्टा के ही बुद्धिमान लोग आपके पास पहुँच जाएँगे, लोगों के हृदय को अनायास ही आप अपने वश में कर लेंगे। प्रेम के सबल विचार, कार्य और भाषण व्यर्थ नहीं जाते।

🔴 इस बात को भलीप्रकार जान लीजिए कि प्रेम विश्वव्यापी है, सर्वप्रधान है और हमारी हरएक जरूरत को पूरा करने की शक्ति रखता है। बुराईयों को छोड़ना, अंत:करण की अशांति को दूर भगाता है। नि:स्वार्थ प्रेम में ही शांति है, प्रसन्नता है, अमरता है और पवित्रता है।

🌹 -अखण्ड ज्योति -अक्टूबर 1943

👉 Love is Supreme

🔵 Divine knowledge and selfless love enlighten every dimension of life, destroy all vices and worries; there remains no feeling of hatred, jealously, discrimination, or fear. And then, one is blessed by the divine sight to see the pure love, justice and equality indwelling everywhere.

🔴 If you want to experience the divine joy, make your mind a source of wisdom, firm determination and noble thoughts; let your heart be an auspicious ocean of compassion. Control your tongue, purity and discipline it to speak truth. This will help your self- refinement and inner strengthening and eventually inspire the divine impulse of eternal love.

🔵 If you have integrity of character, authenticity in what you talk and do, people will believe you. You will not have to attempt convincing them. The wise and sincere seekers will themselves reach you. If in addition, you are generous and have an altruistic attitude towards everyone, you will also naturally win people’s heart. The warmth, words and works of truth and love never go in the void. Their positive impact is an absolute certainty.

🔴 There should be no doubt in your minds that pure love is omnipresent and supreme. It contains the power to accomplish the eternal quest of life. It facilitates uprooting the vices and allaying the agility, apprehensions and
tensions of mind. Selfless love is a divine virtue, a preeminent source of auspicious peace and joy.

🌹 -Akhand Jyoti, Oct. 1943

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