सोमवार, 19 सितंबर 2016

👉 Aaj Ka Sadchintan आज का सद्चिंतन 23 Sep 2016




2 टिप्‍पणियां:

  1. श्री कृष्ण ने गीता जी में चार steps बतायें हैं। पहला कदम "मन्मना भव" अर्थात मेरे में मन वाला हो जाओ। दूसरा कदम " मद भक्तो" अर्थात मेरा भक्त हो जाओ। तीसरा "मद याजी" अर्थात मेरे निमित्त यजन (कर्म) करो। यजन में पूजा पाठ जप आदि शामिल है। पूजा पाठ जप तप के द्वारा भी ईश्वर से जुड़ा जा सकता है कर्म योग का हिस्सा है। परंतु पहले वाले दो स्टेप भी fulfill होने चाहिये। स्वामी विवेकानंद ने भी एक बार पूजा पाठ के खिलाफ स्वामी रामकृष्ण परमहंस के भक्त को बोली थी इसके परिणामस्वरूप स्वामी जी विवेकानंद पर बहुत नाराज हुए थे। पूजा पाठ भी important है किसी साधक के लिए। अंतिम स्टेप "माम नमस्कुरु"।

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  2. श्री कृष्ण ने गीता जी में चार steps बतायें हैं। पहला कदम "मन्मना भव" अर्थात मेरे में मन वाला हो जाओ। दूसरा कदम " मद भक्तो" अर्थात मेरा भक्त हो जाओ। तीसरा "मद याजी" अर्थात मेरे निमित्त यजन (कर्म) करो। यजन में पूजा पाठ जप आदि शामिल है। पूजा पाठ जप तप के द्वारा भी ईश्वर से जुड़ा जा सकता है कर्म योग का हिस्सा है। परंतु पहले वाले दो स्टेप भी fulfill होने चाहिये। स्वामी विवेकानंद ने भी एक बार पूजा पाठ के खिलाफ स्वामी रामकृष्ण परमहंस के भक्त को बोली थी इसके परिणामस्वरूप स्वामी जी विवेकानंद पर बहुत नाराज हुए थे। पूजा पाठ भी important है किसी साधक के लिए। अंतिम स्टेप "माम नमस्कुरु"।

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